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कुवारी साली की उसके कमरे में चुदाई 

Antarvasna sex story हैल्लो दोस्तों, में आज आप सभी को अपनी एक सच्ची चुदाई की एक सच्ची घटना सुनाने के लिए आया हूँ। वैसे में पिछले कुछ सालों से कामुकता डॉट कॉम की सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े लेता आ रहा हूँ।

दोस्तों यह बात आज से करीब 6 साल पहले की है, जिसमें मैंने अपनी एक दूर के रिश्ते में साली को उसके कमरे पर जाकर बड़े मज़े लेकर चोदा। वो पहले तो वो मुझे बड़ा नखरा दिखा रही थी, लेकिन फिर वो धीरे धीरे शांत होती गई और अपनी चुदाई के मेरे साथ मज़े लेने लगी। दोस्तों कहानी को सुनिए कि मेरे साथ कैसे क्या हुआ? एक दिन जब में अपने ऑफिस से अपने घर पर पहुंचा तो मैंने देखा कि मेरे घर पर मेरी पत्नी के दूर के कुछ रिश्तेदार आए हुए थे, जिसमें एक लड़का जो मेरी पत्नी का रिश्ते में भाई लगता था और एक लड़की जो रिश्ते से उसकी बहन लगती वो दोनों हमारे घर पर कुछ दिन रहने के लिए आए हुए थे, दोस्तों क्योंकि वो दोनों बाहर दूसरे शहर से आए थे, इसलिए वो इस हमारे पूरे शहर में केवल हम लोगों को ही जानते थे, लेकिन कुछ दिन निकल जाने के बाद में मुझे अपनी पत्नी से पता चला था कि अब वो लड़की हमारे शहर लखनऊ में अपनी आगे की पढ़ाई करेगी और वो लड़का बस उसको हमारे घर पर छोड़ने के लिए आया था।

अब मेरी आखों एकदम से चमक उठी, क्योंकि एक हॉट सेक्सी कुंवारी लड़की हॉस्टल में अकेली रहेगी और वो रिश्ते में मेरी साली लगती है और वो दिखने में कोई बुरी भी नहीं है, लेकिन वो चुदाई करने के लिए एकदम ठीक ठाक माल थी। दोस्तों उस दिन से मैंने उस पर डोरे डालने शुरू कर दिए थे और हम दोनों पति पत्नी शुरू के दिनों में उन दोनों भाई बहन के साथ बहुत बार इधर उधर बाहर घूमे और उनको बहुत कुछ दिखाया, जिससे वो हमारे साथ खुश रहने लगे, लेकिन कुछ दिनों बाद एक दिन वो लड़का हमको दोनों पति पत्नी को उस लड़की की पूरी ज़िम्मेदारी देकर अपने घर पर वापस चला गया। तब तक वो लड़की भी हमारे उसकी मदद करने पर एक कमरे में रहने लगी। हम दोनों मेरी पत्नी और में कभी कभी जाकर उसके कमरे में उसके हालचाल पूछ लिया करते थे। वो एक और दूसरी लड़की के साथ एक ही कमरे में रह रही थी। वो लड़की भी एक ही जगह की रहने वाली थी, लेकिन हम दोनों पति पत्नी उस लड़की को पहले से नहीं जानते थे। हमारी उस लड़की से बातचीत मेरी साली ने ही शुरू करवाई और वो लड़की भी दिखने में बहुत मस्त पटाका थी, जिसको देखकर हर किसी का लंड पानी छोड़ दे और इस बीच ही मेरी साली और में एक दूसरे से बहुत खुल गये थे। हम दोनों जीजा साली एक दूसरे से बहुत ज्यादा हंसी मजाक और सभी तरह की बातें भी करने लगे थे और में बहुत सी बार उसका सही मूड देखकर उससे दो मतलब की बातें भी किया करता था, जिसका वो मतलब बहुत जल्दी समझकर मेरी तरफ मुस्कुरा देती थी। दोस्तों हमारी बातें अब मेरे ऑफिस के फोन पर भी हर कभी होती थी और जब भी मेरा दिल करता तो में उससे मिलने चला जाता, लेकिन मेरे मन में हमेशा बस एक ही ख्याल रहता था कि उसको कैसे चोदा जाए? मेरा दिल हमेशा उसके लिए बड़ा बेकरार था, लेकिन मुझे तो उसको बस एक बार चोदना था, लेकिन मुझे ऐसा कोई सही मौका नहीं मिल रहा था जिसका में फायदा उठाकर उसकी चुदाई कर दूँ। में दिन भर उसी के बारे में सोचता रहता था। एक दिन मैंने अपने ऑफिस से छुट्टी होने के बाद अपने कुछ दोस्तों के साथ बैठकर शराब पी और फिर जब में अपने घर पर जाने लगा। तब अचानक से मेरा स्कूटर उसके हॉस्टल की तरफ घूम गया और में उसके कमरे पर चला गया। तो वो मुझे इस हालत में देखकर मुस्कराने लगी और फिर में उसके कमरे के अंदर चला गया, लेकिन तब मैंने देखा कि वो उस समय अपने कमरे में बिल्कुल अकेली है। फिर मैंने उससे पूछ लिया कि तुम्हारी वो सहेली कहाँ गई है? तो वो मेरी बात को टाल गई और उसने कोई भी जवाब नहीं दिया, लेकिन मेरे बहुत बार वही बात पूछने के बाद उसने मुझे बताया कि वो अपने बॉयफ्रेंड के साथ रोजाना रात को कहीं जाती है और वो देर रात में वापस कमरे में आ जाती है और कभी कभी तो वो आती ही नहीं है। दोस्तों में उसकी बातों से तुरंत समझ गया कि यह उसके घूमने फिरने से बहुत ज्यादा जलती है, क्योंकि वो तो रात रातभर अपने बॉयफ्रेंड के साथ रंग रंगीलीयां मनाती है और वो कुछ नहीं कर पा रही थी। अब में झट से यह बात भी समझ गया था कि वो मुझे हर कभी फोन भी क्यों किया करती है? फिर मैंने उससे पूछा क्यों वो अभी तो नहीं आ जाएगी? तब वो बोली कि नहीं जीजाजी वो रात को दस बजे से पहले नहीं आ सकती और उस समय रात के 8:30 का समय हो गया था। 
Desi kahani
दोस्तों अब मैंने मन ही मन में पक्का ठान लिया था कि आज मुझे कैसे भी करके उसको जरुर चोदना है। अब वो उठकर खड़ी हुई और मुझसे कहने लगी कि जीजा जी आप बैठिए में आपके लिए चाय बनाकर अभी लाती हूँ, लेकिन तभी मैंने उसको रोककर उसका एक गोरा मुलायम हाथ पकड़ लिया और फिर उसको एक झटका देकर मैंने अपनी छाती से चिपका लिया। वो एकदम से बहुत डर गई और मेरी बाहों में आकर छटपटाने लगी और वो मुझसे कहने लगी कि प्लीज आप यह क्या कर रहे है, प्लीज छोड़ दीजिए मुझे, हमें मेरी मकान मालकिन देख लेगी, लेकिन मैंने उससे कहा कि यहाँ पर कोई नहीं आएगा, क्योंकि मुझे आते समय मकान मालकिन ने नहीं देखा।

अब में उसके माथे को चूमने लगा और उसके गाल को चूमने लगा। फिर मैंने उसके कान को थोड़ा सा काट दिया और चूसने लगा, वो दर्द की वजह से ज़ोर से चिल्लाई, लेकिन कुछ देर बाद सब कुछ पहले जैसा हो गया। अब में उसके बूब्स को दबा रहा था और सहला रहा था। वो धीरे धीरे गरम होने लगी थी जिसकी वजह से अब उसकी वो पकड़ थोड़ी ढीली हो गई थी और उसका वो विरोध भी अब धीरे धीरे कम होने लगा था, वो थोड़ी मस्त होने लगी थी। फिर भी वो मुझसे कहती रही कि जीजाजी यह सब बहुत ग़लत है प्लीज आप मुझे अब छोड़ दो, लेकिन में अब कहाँ मानने वाला था? में लगातार अपना काम करता रहा तो मैंने उसको बिस्तर पर बैठा दिया और में उसके पास में बैठ गया। अब वो फिर भी ना नुकर करती रही, लेकिन में उसके बूब्स को मसल रहा था और उसके निप्पल को कपड़ो के बाहर से ही पकड़ रहा था और उनको मसल रहा था। अब मुझे उसकी तरफ से भी थोड़ा सा साथ मिलने लगा। अब वो भी मेरे साथ साथ बड़ी मस्त होने लगी थी। फिर मैंने सबसे पहले उसके कमरे की सभी खिड़कियों को बंद कर दिया और में उसकी कमीज के अंदर अपना एक हाथ डालकर उसके बूब्स को दबाना लगा, लेकिन वो अब भी बिल्कुल भी तैयार नहीं हो रही थी, लेकिन मैंने ज़ोर ज़बरदस्ती करके उसके बूब्स को अंदर से पकड़ लिया और में उनको सहलाने लगा। फिर मैंने महसूस किया कि वो बहुत बड़े आकार के मुलायम थे। फिर मैंने सही मौका देखकर धीरे धीरे करके उसकी ब्रा के हुक को खोल दिए, लेकिन अब वो थी कि मुझे अपनी कमीज़ ही नहीं उतारने दे रही थी। वो मुझसे कह रही थी कि आप बस करो मेरी मालकिन आ जाएगी, लेकिन मैंने उसको बहुत बार समझाया कि यहाँ पर इस समय कोई भी नहीं आएगा और में उसके बूब्स को सहला रहा था। अब वो भी अब जोश में आकर मेरे साथ साथ मज़े ले रही थी, लेकिन दोस्तों लड़कियाँ पहली बार में एकदम से पूरी तरह से खुलती नहीं है यह मेरा बड़ा पुराना अनुभव था, इसलिए में उसके लाख बार मना करने पर भी उसके बूब्स को सहलाता रहा। अब वो थी कि मान ही नहीं रही थी। अब में आगे बढ़ते हुए अपने एक हाथ से उसकी चूत को कपड़ो के ऊपर से ही मसल रहा था, जिसकी वजह से वो हिलकर अब कभी अपनी चूत को बचा रही थी और कभी अपने बूब्स को, लेकिन मुझे उसके साथ मज़ा बहुत आ रहा था। ।

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दोस्तों अब तक मेरा लंड भी एकदम तनकर खड़ा हो गया था और में पूरे जोश में था, इसलिए मैंने बिना देर किए अब उसकी सलवार का नाड़ा खोलकर उसको एकदम नीचे सरका दिया और वो उसके लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी। अब वो पेंटी में मेरे सामने थी और में कोशिश करने लगा कि में कैसे भी करके अब उसका वो कुर्ता भी उतार दूँ, लेकिन उसने मुझे नहीं उतारने दिया। अब में उसकी पेंटी में अपना एक हाथ डालकर उसकी चूत को सहलाने लगा, जिसकी वजह से वो सिहर गई और मैंने अपनी एक उंगली को उसकी चूत में डाल दिया। तब मैंने महसूस किया कि वो अब बहुत गीली हो गई थी और धीरे धीरे करके मैंने उसको बहुत समझाया, लेकिन वो थी कि मान ही नहीं रही थी, लेकिन में अब अपने पूरे जोश में था और अब मैंने उसको बिस्तर पर ज़ोर ज़बरदस्ती करके लेटा दिया और में उसके ऊपर चड़ गया, लेकिन वो तभी एकदम से उल्टा लेट गई। अब में क्या करता? फिर मैंने उसको उल्टा ही चोदने की बात सोची और मैंने उसको डॉगी स्टाइल में उल्टा ही दबा लिया और उसकी पेंटी को नीचे सरका दिया और उसकी चूत में अपनी ऊँगली को डालना शुरू कर दिया और तब मैंने छूकर महसूस किया कि उसकी चूत बहुत गीली हो चुकी थी। अब में उसको उसी तरह से पकड़े रहा और अपने एक हाथ से अपनी पेंट को मैंने खोल दिया। उसके बाद अपने लंड को बाहर निकाला और उसकी चूत पर रगड़ रहा था, लेकिन वो कहती रही थी कि जीजा जी यह सब ग़लत है आप मुझे छोड़ दो। अब मैंने अपना लंड उसकी चूत के छेद के ऊपर रखा और एक झटके में उसकी चूत के अंदर डाल दिया। थोड़ा सा ही लंड अंदर गया था कि वो एकदम से चिल्ला गई उफ्फ्फफ्फ्फ़ माँ में मर गई।

फिर मैंने उसके मुहं पह पर अपना एक हाथ रखकर बंद कर दिया, नहीं तो उसकी वो चिल्लाने की आवाज सुनकर सही में उसकी मकान मालकिन आ ही जाती, फिर मैंने उसको समझाया कि तुम्हे बस अब और दर्द नहीं होगा और में उसी पोज़िशन में धीरे धीरे अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा। दोस्तों मैंने उसको इतनी देर से पकड़ा हुआ था कि अब मैंने महसूस किया कि अब उसको भी धीरे धीरे मज़ा आने लगा था, क्योंकि वो अब बिल्कुल ढीली पड़ गई है और में धीरे धीरे करके अपना लंड उसकी चूत में अंदर डालता गया और वो भी अब अपने कूल्हों को थोड़ा थोड़ा ऊपर नीचे करने लगी। अब में पूरे जोश में था, जिसकी वजह से हम दोनों ही बड़े मज़े ले रहे थे और उसकी भी हल्की हल्की सिसकियाँ आने लगी और वो भी एकदम से डॉगी स्टाइल में बैठ गई और में अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स को मसलता रहा और उसकी चूत का आनंद लेता रहा।

फिर मैंने उससे पूछा कि साली जी अब आपको कैसा लग रहा है? तो वो बोली कि जीजा जी आप बहुत गंदे है। फिर भी वो मेरे साथ मज़ा ले रही थी। अब मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसको पलटकर सीधा लेटा दिया और में उसकी चूत को चाटने लगा। वो एकदम से बोली कि जीजाजी प्लीज मुझे अब और ना तरसाओ, प्लीज जीजाजी मुझे बड़ा मज़ा आ रहा है, प्लीज जल्दी से अपना वो डालो ना में मर रही हूँ जीजाजी प्लीज अब मत करो ऊऊईईइ प्लीज अपना वो डालो ना। फिर मैंने उसके दोनों पैरों को पूरा खोल दिया और मैंने उसकी कमर के नीचे एक तकिया लगा दिया और उसकी चूत को सहलाया और उसकी चूत के मुहं को अपनी दोनों उँगलियों से फैलाया और अपना लंड उसकी चूत के छेद पर रखकर धीरे से अंदर डाल दिया, वो फिर से चिल्लाई जीजाजीइईईईईईई थोड़ा धीरे से डालो ना मुझे बहुत दर्द हो रहा है। फिर मैंने उससे कहा कि मेरी रानी तुम्हे थोड़ा सा दर्द तो होगा ही और में धीरे धीरे करके अपना लंड उसकी चूत के अंदर डाल रहा था और वो भी बड़ी मस्त होकर अपनी कमर को ऊपर उछाल रही थी और में दोनों हाथों से उसके बूब्स को मसल रहा था। अब में भी हल्के धक्के मार रहा था और वो भी अपनी कमर को लगातार मेरे हर एक धक्के के साथ उचका रही थी और अब उसकी सिसकियों की आवाज़े आ रही थी, जीजाजी बहुत मुझे मज़ा आ रहा है, अब प्लीज थोड़ा जल्दी आईईईईईईईईईई करो ना वरना वो आ जाएगी ऊऊईईईईई और अब मुझे भी थोड़ा सा डर लग रहा था, इसलिए मैंने भी जल्दी ही निपटने की सोची और अब मैंने तूफान एक्सप्रेस की तरह उसकी कमर को पकड़ा और ज़ोर के धक्के देने लगा। वो भी अपनी कमर को उठा उठाकर मेरा साथ दे रही थी और अब हम दोनों मज़े ले रहे थे। वो कह रही थी जीजाजी आज अपने मुझे बहुत मज़ा दिया आईईईईईई अब में आपकी हो गई और अब उसने मुझसे कहा कि जीजाजी में बस आ रही हूँ और में भी झड़ने वाला था और मैंने अपना लंड उसकी चूत के अंदर ही रहने दिया। फिर जैसे ही में झड़ा तो वो भी मेरे साथ साथ झड़ गई और उसने मुझे अपने दोनों पैरों से मेरी कमर पर इतनी ज़ोर से पकड़ा कि में एकदम छटपटा गया। में तुरंत समझ गया कि उसको मेरे साथ अपनी चुदाई में बहुत मज़ा आया है। फिर दो मिनट तक में उसके ऊपर ही लेटा रहा। वो भी मुझसे वैसे ही लिपटी रही और उसके बाद मैंने उससे कहा कि जाओ जल्दी से बाथरूम में जाकर तुम पेशाब कर लो, नहीं तो तुम मेरे बच्चे की माँ बन जाओगी। फिर वो मेरी बात को सुनकर तुरंत उठ खड़ी हुई और वो जल्दी से अपने कपड़े पहनकर बाथरूम में चली गई और कुछ देर बाद वो पेशाब करके वापस मेरे पास चली आई। तब तक में भी अपने कपड़े पहनकर वापस जाने की तैयारी में था और में उससे विदा लेकर अपने घर पर चला आया।

दोस्तों यह थी मेरी चुदाई की कहानी, जिसमें मेरी कुंवारी सेक्सी साली को अपनी पहली चुदाई में ही पूरी तरह से संतुष्ट कर दिया। उसको चुदाई के पूरे मज़े दिए और उसने भी मेरा उस चुदाई में अच्छे से साथ दिया ।।

धन्यवाद

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