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भाई की बीवी ने चुदाई का पाठ पढाया

Desi antarvasna story दोस्तों आज, में आप सभी को मेरे साथ घटी वो घटना को सुनाने जा रहा हूँ जिसको में बहुत दिनों से आप लोगों तक पहुँचाने के बारे में विचार कर रहा था, लेकिन ना जाने क्यों लिखने से डर रहा था और आज में वो सब कुछ पूरे विस्तार से आप सभी तक लिखकर पहुंचा रहा हूँ और में उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी आप लोगों को जरुर पसंद आएगी और अब वो घटना सुनिए। दोस्तों वैसे तो मुझे सेक्स के बारे में कुछ ज्यादा ही रूचि रही है, लेकिन मुझे वो सब करना नहीं आता था, इसलिए में वैसे ही टाईम पास करता रहा और मैंने कामुकता डॉट कॉम पर बहुत सारी कहानियों को पढकर उनके बड़े मज़े लिए और फिर एक दिन मेरी मम्मी बाथरूम में नहा रही थी, तभी अचानक से मेरी नजर बाथरूम के उस थोड़े से खुले दरवाजे से अंदर पड़ी। तब मैंने देखा कि मेरी मम्मी उस समय नहाने के बाद कपड़े पहन रही थी और मैंने देखा कि वो उस समय ब्रा में खड़ी थी। उस समय मैंने देखा कि वो नंगी खड़ी थी और उनकी चूत बड़ी मस्त और सुंदर नजर आ रही थी और उनकी चूत पर झांटे भी नहीं थी। मम्मी की चूत आकार में बड़ी थी और वो पवरोटी की तरह फूली हुई थी और उसी समय मेरा लंड अपनी माँ की नंगी उभरी हुई चूत को देखकर तुरंत खड़ा हो गया। अब मेरा मन कर रहा था कि में उसी समय वहीं पर पटककर मम्मी के बूब्स को दबाऊँ और अपनी माँ की चूत को चूस चूसकर चोद दूँ। मैंने देखा कि मम्मी अपनी चूत को अपने एक हाथ से सहला रही है और वो अब अपनी उंगली को चूत में डालकर धीरे धीरे अंदर बाहर कर रही है।

अब में वो नजारा देखकर जोश में आकर अपने लंड को हाथ में लेकर मसलने लगा और मुठ मारने लगा मुझे ऐसा करने में बड़ा मज़ा आ रहा था और में कुछ देर वो मज़ा लेता रहा और अंदर बाथरूम में मम्मी अपनी गरम चूत को ठंडा करने के प्रयास में लगी रही और तभी अचानक से ज्यादा जोश में आ जाने की वजह से मेरा सारा वीर्य ऐसा करते हुए बाहर निकल गया जिसकी वजह से में धीरे धीरे ठंडा होने लगा और मेरे माथे पर पसीने की बूंदे निकल आई। में अब कुछ ज्यादा अजीब सा महसूस करने लगा, क्योंकि यह मेरा काम था।

मेरा नाम मुनीश है और मेरी उम्र 27 साल है। में अपनी पढ़ाई को खत्म करके अपने भाई के पास चंडीगढ़ कुछ काम ढूंढने गया और मेरा भाई एक बहुत बड़ी कंपनी में है, इसलिए वो बहुत दिनों तक अपने काम की वजह से घर से बाहर ही रहते थे। फिर घर पर मेरी भाभी जिसकी उम्र 32 साल और उनका नाम शोभा है, उनका एक बेटा भी है जो चार साल का है और वो दोनों ही रहते थे। मेरी भाभी यानी शोभा दिखने में बहुत ही सुंदर है और उनके बूब्स एक एक तोतापूरी आम जैसा है और उनकी पीछे का हिस्सा इतना सेक्सी है कि जो उनको देखेगा वो उनकी गांड को मारने के बारे में जरुर एक बार सोचेगा। फिर उन दिनों मेरा भाई काम के लिए करीब 15 दिनों के लिए कहीं बाहर गया हुआ था और घर में मेरी भाभी और में अकेले रहते थे। उनका बेटा इधर उधर खेलने बाहर चला जाता था। दोस्तों में ट्रेन से आते समय अपने साथ एक सेक्सी कहानियों की किताब लेकर आया था। उस किताब में भाभी और देवर का प्यार नाम की एक मस्त कहानी थी और में उस दिन चुपचाप उस कहानी को पढ़ रहा था कि तभी अचानक से भाभी आ गई और वो मेरा पास में आकर बैठ गई। फिर वो मुझसे कहने लगी कि तुम हमेशा किताब ही पढ़ना या कभी कुछ करना? में उनकी उस बात का मतलब कुछ भी समझ नहीं सका और भाभी मुझसे कहने लगी कि में तुम्हारी इस किताब को पहले ही पढ़ चुकी हूँ। अब में तो पहले से ही चाहता था और उन्होंने मेरे पास बैठने के बाद मुझे अचानक से पकड़ लिया और वो कहने लगी और देर मत करो प्लीज अब जल्दी से शुरू हो जाओ। फिर मैंने बोला कि भाभी आज तक मैंने किसको नहीं चोदा है इसलिए मुझे कुछ नहीं आता। फिर बोली कि चलो ठीक है में आज तुम्हे वो सब कुछ सिखा देती हूँ और हमारा दरवाजा पहले से ही बंद था। भाभी मुझे अब पागलों की तरह चूमने लगी और मेरा लंड कुछ ही देर बाद तनकर एक लोहे के सरीये की तरह खड़ा हो गया। फिर में शुरू हो गया और में भाभी के बूब्स को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा और भाभी मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर हिलाने लगी। मेरा पानी निकलने वाला था। अब वो उसको अपने मुहं में डालकर लोलीपोप की तरह चाटने चूसने लगी और मेरा पूरा वीर्य पीने लगी। में उनसे बोला कि भाभी मुझे चोदना था आपने यह क्या किया? तो वो बोली कि अरे बुद्धू तुम्हारा यह पहली बार है और वीर्य जल्दी निकलने वाला था इसलिए मैंने उसको निकाल दिया, अब हम दोनों असली मज़े मस्ती करेंगे, इतना कहने के बाद भाभी अब मेरे सामने पूरी नंगी हो गयी और उन्होंने मुझे भी नंगा कर दिया। हम दोनों बेड पर लेट गए और भाभी मेरे मुहँ में उनकी जीभ को डालकर मुझे किस करती रही और में उनकी चूत में धीरे धीरे उंगली डालता रहा और हमारा यह खेल करीब 15 मिनट तक चला। मेरा दिल ज़ोर ज़ोर से धड़कने लगा और मेरे पूरे चेहरे पर पसीना आ गया। ।

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अब भाभी मुझसे बोली कि अब तुम आ जाओ और चोद दो। मुझे वो घोड़ी की स्टाइल में मुझे चोदने के लिए कहने लगी। फिर मैंने अपने लंड को उनकी चूत में डाल दिया और चूत में उनका बहुत पानी था इसलिए मेरा लंड फिसलता हुआ पूरा अंदर तक चला गया और में धक्के देकर चुदाई करने लगा और भाभी मेरा पूरा पूरा साथ देती रही थी। में ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा उनकी चूत से पच पच की आवाज़ आने लगी और भाभी हांफ रही थी और वो मुझसे कह रही थी कि हाँ मेरा राजा, मेरे प्यारे देवर और ज़ोर से धक्के देकर चोदो मुझे आह्ह्हह्ह वाह मज़ा आ गया उफ्फ्फ्फ़फ्फ तू बहुत मस्त चुदाई करता है स्सीईईईई आज तू मुझे चोदकर मेरी प्यास को बुझा दे। दोस्तों उनकी जोश भरी बातें सुनने के बाद मेरा जोश और भी ज्यादा बढ़ गया इसलिए में ज़ोर से धक्के देने लगा और मेरे हर एक जोरदार धक्के से भाभी का पूरा बदन हिलने लगता और उनके बूब्स हिलते हुए बड़े अच्छे दिख रहे थे। में लगातार धक्के पे धक्के दिए जा रहा था और वो कुछ देर बाद अपनी गांड को उठा उठाकर मेरे धक्कों का साथ देने लगी और उस समय हम दोनों ही पूरे जोश में थे और कुछ देर के बाद हम दोनों ही झड़ गए। भाभी मुझसे बोली वाह मज़ा आ गया तुमने मुझे आज बहुत अच्छी तरह चुदाई का पूरा सुख दिया और पूरी तरह से संतुष्ट किया। ऐसा मज़ा मुझे आज से पहले कभी नहीं आया और इस बार में तुम्हारे बच्चे को पैदा करने वाली हूँ।

फिर थोड़ी देर तक हम दोनों एक दूसरे से लिपटकर लेट गए और उसके बाद भाभी उठी और वो मुझसे कहने लगी कि जाओ फ्रेश हो जाओ, अब आने वाले यह पांच दिन हम दोनों के मज़े के लिए है और इन दिनों हम दोनों पूरी चुदाई के मज़े करेंगे। फिर रात को खाना खाने के बाद जब उनका बेटा सो गया तब फिर से हमारा वो चुदाई का खेल दोबारा शुरू हो गया और इस बार वो मेरे लंड को तेल लगाकर अच्छी तरह से मालिश करने लगी और में उनकी चूत को अपनी ऊँगली से चोदने लगा और कुछ देर बाद में भी बड़े मज़े से उसकी चूत के अंदर अपनी जीभ को डालने लगा और चूसने लगा और अपनी जीभ से चूत को चोदने लगा। अब भाभी मुझसे बोली कि अब तुम मेरी गांड मारो और इतना कहकर उन्होंने अपनी गांड में थोड़ी सी क्रीम लगाई और मैंने मेरे लंड को थोड़ा सा उनकी गांड में डाला। वो बहुत टाइट थी और मेरा लंड पहले से ही तेल की मालिश से चिकना था इसलिए थोड़ा ज़ोर लगाने पर वो उनकी गांड में पूरा अंदर चला गया, लेकिन भाभी के मुहं से बहुत ज़ोर से, आह्ह्हह्ह्ह्ह आईईईइ माँ मर गई प्लीज बाहर निकालो इसको मुझे नहीं लेना गांड में तुम्हारा बहुत मोटा है, यह आवाज आई और वो दर्द से तड़पने लगी। फिर कुछ देर उनको सहलाने के बाद में अब अपने लंड को धीरे से बाहर अंदर कर रहा था कुछ देर बाद और फिर आधे घंटे तक में उनकी गांड मारता रहा। उसके बाद मैंने अपना वीर्य उनकी गांड में निकाल दिया और रात को हम दोनों एक ही कमरे में सो गये और भैया के आने तक मैंने अपनी भाभी को बहुत बार जमकर चोदा। मुझे जब भी ठीक मौका मिलता तो में भाभी की चुदाई करने लगता और हर बार भाभी भी मेरा पूरा पूरा साथ देती। उनको मेरा चोदना बड़ा अच्छा लगा और मैंने उनको हर बार पूरी तरह से संतुष्ट किया। दोस्तों यह थी मेरी जोश भरी चुदाई और मेरा वो सेक्स अनुभव जिसमें मेरी भाभी ने मुझे वो सब सिखा दिया जिसको में करना नहीं जानता था और मैंने उनको चुदाई के पूरे मज़े दिए। हमने वैसी ही दमदार चुदाई के मज़े बहुत बार लिए और में अब उनकी मस्त चुदाई करने लगा हूँ और वो हमेशा मेरी चुदाई से संतुष्ट होकर मेरा हमेशा चुदाई में पूरा साथ देती है ।।

धन्यवाद …

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