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"भाई ने मीठी चुत की भोसड़ा बना दिया"

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सगे भाई नें चोदा अपनी कुंवारी बहन को… जी हाँ… मैंनें चोदा अपनी बहन को… मेरा नाम सौरभ है,,, मैं 24 साल का हूँ| ये मेरी बहन की चुदाई की कहानी है| मैं एक किरानें की दुकान में जॉब करता हूँ| मेरे घर में मेरे मम्मी:-पापा और एक छोटी बहन अंशी है,,, जिसकी उम्र 19 साल है,,, अंशी स्कूल में पढ़ती है|
मेरे पापा मुम्बई में जॉब करते हैं, सो घर में हम तीनों,,, मेरी मम्मी और बहन और मैं ही रहते हैं|
मेरी मम्मी का नाम कीर्ति है,,, उनकी उम्र 44 साल है| मेरी मम्मी काफ़ी बड़ी चुदक्कड़ हैं, उनकी साइज़ 38:-36:-40 की होगी| मैं एक:-दो बार उनको नहाते समय ब्रा और पैंटी में देख चुका हूँ| मेरी मम्मी एक सेक्स के मामले में सदा से ही एक भूखी महिला रही हैं| मुझे ऐसा ही लगता है क्योंकि मेरे पापा ज़्यादातर मुम्बई में अकेले ही रहते हैं,,, वे साल में दीवाली पर ही आते हैं और 15:-20 दिन रहते हैं|
मेरी माँ मेरे चाचा, फूफा और एक गाँव का भगत है,,, इन तीनों से चुदाई करवाती हैं| ज़्यादातर गाँव का वो भगत ही मेरी माँ की चुदाई करता है| मुझे थोड़ा शक हुआ तो मैंनें थोड़ा माँ पर नजर रखी,,, तो मुझे मालूम हो गया कि मेरी माँ इन तीनों से चुदवाती हैं| क्योंकि जब चाचा जी जब बाहर से आते हैं तो माँ के साथ उसके रूम में ही सोते हैं और माँ हम भाई:- बहन को दूसरे रूम में सुला देती थीं|

जब फूफा घर आते तो भी यही सिलसिला चलता,,, वो भी माँ के रूम में सोते और हम दोनों को फिर बाहर सोना पड़ता|
जब कोई नहीं होता तो मम्मी हर वीक में एक बार चुदवानें के लिए खुद भगत के पास जाती थीं| अगर माँ नहीं जाती,,, तो भगत खुद ही शाम को घर आ जाता| उसके आनें पर फिर वही होता, माँ हम दोनों को दूसरे रूम या छत पर जानें को बोल देती थीं|
वे बोलती थीं कि भगत जी 1:-2 घंटे पूजा करेंगे,,, तब तक तुम बाहर ही रहो| फिर 1:-2 घंटे तक वो दोनों खूब चुदाई करते| चुदाई के बाद भगत तुरंत चला जाता जब हम दोनों अन्दर जाते तो मुझे माँ की चुदी हुई हालत देखकर पता चल जाता था कि भगत नें माँ को जमकर चोदा है| माँ के कपड़े और बाल सब बिखरे रहते थे|
बाद में मेरा भी माँ के बारे में सोच:-सोच कर मूड खराब होनें लगा| मैंनें 3:-4 बार भगत माँ की चुदाई के बारे में सोच सोच कर मुठ भी मारी| अब मेरे दिमाग़ में बस माँ की चुदाई की प्लानिंग चलनें लगी| माँ को भी मुझ पर अब कुछ शक हो गया था कि सौरभ मेरे बारे में जान गया है| वो मुझसे बात भी कम ही करती थीं|
मेरा लंड इधर माँ की चुदाई के सपनें देखनें लगा,,, पर माँ से कुछ बोलनें की मेरी हिम्मत ही नहीं होती थी|
एक बार तो माँ नें मुझे मुठ मारते हुए भी देख लिया था, लेकिन वो कुछ बोली नहीं थीं|
मैंनें अपनी माँ को चोदनें का बहुत ट्राइ किया,,, पर अब तक नाकाम ही रहा|
फिर मेरी नज़र मेरी छोटी बहन अंशी पर पड़ी| अंशी दिखनें में मस्त है,,, थोड़ी पतली है| उसका साइज़ 32:-28:-32 का होगा| अब मैं अंशी तो पटानें में लग गया| बातों:-बातों में मैं उसको टच कर देता, कभी किस कर देता,,, वो कुछ नहीं बोलती|

मैं उसको शॉपिंग के लिए पैसे भी देनें लगा, अंशी को सब तरह से हेल्प करनें लगा, अंशी भी कभी:-कभी ख़ुशी से मुझे गले लगा लेती थी|
ऐसा ही एक साल तक चला|

मैं जल्दबाज़ी नहीं चाहता था अन्यथा अंशी नाराज़ हो सकती थी|
एक दिन माँ, भगत के मंदिर से शाम को घर वापस आईं,,, मैंनें देखा कि उनके पूरे कपड़ों में मिट्टी लगी थी|

मैंनें ये सब अंशी को भी दिखाया और बोला:- अंशी मुझे लगता है भगत और माँ के बीच कुछ चक्कर है|

अंशी नहीं मानी,,, वो बोली:- ऐसा नहीं है|

मैंनें कहा:- अच्छा तू चैक करना फिर बताना|
फिर 3:-4 बार अंशी भी ध्यान दिया तो उसको भी विश्वास हो गया कि माँ को भगत चोदता है|

अंशी मुझसे बोली:- ये बात सही है|
एक दिन अंशी शॉपिंग करनें अपनी सहेलियों के साथ गई थी| जब शाम को मैं दुकान से वापस आया तो अंशी गुस्सा करके बैठी थी|

मैंनें पूछा:- क्या हुआ?

अंशी बोली:- कुछ नहीं|

मेरे बहुत रिक्वेस्ट करनें पर बोली:- बैग रखा है,,, जाकर देख लो|

मैंनें जाकर देखा तो बैग में विस्पर था|
फिर बाद में अंशी बोली:- मेरी सारी सहेलियों नें विस्पर लिया, तो मैंनें भी एक ले लिया,,, इस पर माँ गुस्सा हो गई हैं|

मैं बोला:- कोई बात नहीं रख लो,,, यूज कर लेना| अगली बार से जो भी लेना हो मुझे बता देना, मैं लेकर आ जाऊंगा|

उसनें थोड़ा सोचा फिर बोली:- ओके थैंक्स भाई|
यह बोल कर वो मेरे गले से लग गई| उसके गले लगते ही उसके ठोस मम्मे मेरे सीनें से टकराए,,, लंड एकदम से फनफना उठा, सच में बहुत मज़ा आया|
अब हम दोनों दोस्त जैसे हो गए थे| मैं इधर:-उधर कभी भी अंशी को टच करता, तो वो कुछ नहीं बोलती| कभी:-कभी माँ नहीं होतीं,,, तो पीछे से जाकर अंशी को पकड़ भी लेता,,, जब पीछे से पकड़ता तो वो थोड़ा गुस्सा हो जाती|

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ऐसा ही एक महीनें तक चला|
एक दिन माँ मामा के घर गई थीं| घर पर अकेले हम दोनों ही खाना खा कर पास:-पास में ही लेटे हुए थे| उसी वक्त मैंनें फिर माँ की चुदाई के बारे में बोलना शुरू कर दिया, अंशी कुछ नहीं बोली|

कुछ समय बाद वो बोली:- पापा शायद बाहर रहते हैं,,, इसीलिए माँ भगत के साथ सेक्स करती हैं|
बातों ही बातों में मैंनें अंशी की चूची को दबा दिया और बोला:- जब माँ भगत, चाचा और फूफा से चुदवा सकती हैं,,, तो हम दोनों भी तो चुदाई कर सकते हैं|

अंशी बोली:- पागल हो गए क्या,,, हम दोनों भाई:-बहन हैं,,, ऐसा कभी नहीं हो सकता|

मैंनें फिर से उसका आम टच किया तो वो गुस्सा हो गई|
उस रात तो मुझे नींद नहीं आई| अंशी की चुदाई के बारे में सोच:-सोच कर मैंनें 2 बार मुठ मारी और सो गया|
सुबह उठा तो देखा नाश्ता रेडी है,,, मैंनें नाश्ता किया और दुकान पर चला गया| शाम को फिर हम दोनों अकेले ही थे| खाना खानें के बाद फिर बात होनें लगीं|

अंशी बोली:- गर्लफ्रेंड क्यों नहीं बना लेते हो?

मैं बोला:- कोई अच्छी लड़की मिलती ही नहीं है और कोई लड़की कुछ हल्ला मचा देगी तो प्राब्लम हो ज़ाएगी|
अंशी हंसनें लगी|
मैं मज़ाक करते उससे बोला:- अंशी तू ही मेरी गर्लफ्रेंड बन जा ना|

इस बार वो कुछ नहीं बोली,,, मैं उसको उकसाता हुआ बोला:- किसको शक भी नहीं होगा|

बहुत रिक्वेस्ट के बाद वो बोली:- सोचकर बोलूँगी|

फिर हम दोनों सो गए|
अगले दिन दुकान के आनें के बाद देखा अंशी नें नहाकर एक सेक्सी सलवार:-कमीज़ पहन रखी है|
मैं बोला:- अंशी क्या बात है आज तो एकदम सेक्सी माल लग रही हो|

उसनें थोड़ा गुस्सा दिखाया और चली गई|
शाम को हम दोनों नें खाना खाया,,, फिर सोनें के लिए रेडी हो गए|

फिर मैंनें पूछा कि अंशी तुमनें बोला नहीं कि मेरी गर्लफ्रेंड बनोगी या नहीं?

बोली:- ठीक है पर एक शर्त पर,,, कि किसी को भी कुछ बोलना नहीं|

मैं बोला:- ठीक है|
अब हम दोनों पास एक बेड पर थे| मैंनें धीरे उसके चूचे पर हाथ फेरा, वो कुछ नहीं बोली,,, तो मैं धीरे:-धीरे उसके दूध दबानें लगा,,, उसके कड़क होते निप्पलों को कपड़े के ऊपर से ही मींजनें लगा| लेकिन इस तरह बीच में कपड़ा आ रहा था|
फिर मैंनें उसकी कमीज को थोड़ा ऊपर किया तो अंशी बोली:- रुको,,, निकाल देती हूँ|
अब अंशी नें अपनी कमीज़ निकाल दी थी,,, ब्रा के ऊपर से ही उसके निप्पलों को मसल रहा था| दूध दबाते हुए ही मैंनें उसकी ब्रा को भी खोल दिया| अब उसनें निप्पल बिल्कुल तनें हुए थे| मैंनें एक निप्पल को मुँह में भर लिया, उसको एकदम से करेंट सा लगा और गुदगुदी होनें लगी|
अंशी बोल रही थी:- अह,,, कुछ अजीब सा हो रहा है|

करीब दस मिनट तक उसके निप्पल चूसनें के बाद वो एकदम से गरम हो गई और मुझे किस करनें लगी|
फिर मौका अच्छा देखते हुए मैंनें उसकी सलवार का नाड़ा खोलकर अलग कर दिया और पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को रगड़नें लगा| अंशी एकदम से चुदासी सी सिसकारियां लेनें लगी|
मैंनें झट से उसकी पैंटी को निकाल कर अलग किया और अपना मुँह उसकी चुत पर रख दिया| चुत पर मेरे मुँह का स्पर्श पाते ही अंशी एकदम सी सिहर गई| मैंनें उसकी गुलाबी चुत को 3:-4 मिनट चाटा, फिर एक उंगली चुत के अन्दर डालनें लगा|
उंगली के कारण अंशी थोड़ा सा कसमसाई,,, पर में लगातार एक उंगली चलाता रहा| साथ ही धीरे:-धीरे चुत को चाटते हुए मैंनें 2 उंगलियां चुत में घुसा दीं|
इस तरह चुत में 5 मिनट तक उसे चाटते हुए दोनों उंगलियां अन्दर:-बाहर करता रहा| अंशी की चुत एकदम से गीली हो गई थी,,, चुत से पानी निकल रहा था|
मेरा लंड भी इधर पेंट फाड़नें पर आमादा था|
अंशी चुदास से भर चुकी थी और अब वो चोदनें का इशारा कर रही थी| मैंनें मौका अच्छा देखते हुए अपनें लंड को अंशी की चुत पर रख कर धीरे:-धीरे अन्दर डालनें लगा| मेरा लंड उसकी कसी हुई चुत में घुस ही नहीं पा रहा था|
फिर मैंनें बहुत सारा थूक लंड पे लगाया और धक्का दे मारा| मेरे लंड की टोपी चुत में घुस गई,,, बस इतनें में ही अंशी चीख पड़ी और बोलनें लगी:- उम्म्ह… अहह… हय… याह… बहुत दर्द हो रहा है,,, जल्दी निकालो,,, नहीं तो मर जाऊंगी|

मैंनें उसके मुँह पर अपना मुँह रखा और बोला:- अंशी एक मिनट सह लो,,, फिर मज़ा ही मज़ा आएगा|
उसके मुँह पर मुँह रखते हुए मैंनें अपना पूरा का पूरा लंड अंशी की चुत में पेल दिया| अंशी दर्द से चीखनें लगी, उसकी आँखों से आंसू आ गए|
मैंनें लंड को कुछ समय रोका,,, फिर धीरे:-धीरे उसको चोदना स्टार्ट किया|

अब अंशी को भी अच्छा लगनें लगा,,, मैंनें भी लंड की स्पीड बढ़ा दी| अब अंशी भी मेरे लनें के हर धक्के का जबाव अपनी गांड उठा कर देनें लगी|
पूरे कमरे में ‘आह,,, ओह,,,’ की आवाज़ गूँज रही थी| करीबन 15 मिनट चुदाई के बाद मैं अंशी की चुत में ही झड़ गया| अंशी की चुत से थोड़ा खून भी निकला था| हम दोनों नें बाथरूम में जाकर खुद को साफ किया| फिर करीबन एक घंटे बाद मेरा लंड फिर खड़ा हो गया| मैंनें अंशी को लंड चूसनें के लिए बोला,,, लेकिन वो मना करनें लगी| मेरे बहुत कहनें के बाद अंशी नें मेरा लंड अपनें मुँह में ले लिया और लंड चूसनें लगी| हम दोनों 69 में होकर कुछ मिनट तक एक:-दूसरे के लंड चुत चूसते रहे,,, फिर साथ में ही झड़ गए|
उस रात मैंनें, यानि अंशी के भाई नें उसको 2 बार ही चोदा क्योंकि उसकी चुत की हालत खराब हो गई थी

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