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मजाक मजाक में ही चुदक्कड़ बन गयी

मेरे प्यारे दोस्तों मै, मजाक में ही एक चुदाक्मअड़ बन गयी, स्ते दोस्तो, मैं जाह्नवी एक बार फिर से अपनी एक नई xxx हिंदी स्टोरी लेकर आई हूँ.
आप सबने मेरी पिछली कहानियों को बहुत पसंद करा, मैं आप सबका दिल से धन्यवाद करती हूँ! और जो दोस्त मेरी कहानी पहली बार पढ़ रहे हैं, वे मेरी पिछली xxx हिंदी स्टोरी जरूर पढ़ें और मज़ा लें.
अपने नये दोस्तों को बता दूँ, मेरा नाम जाह्नवी है, मैं दिल्ली में रहती हूँ उम्र 25 है, सेक्सी हूँ, मस्त हूँ.
शादी के बाद में 4 और लोगों के साथ चुदाई का मज़ा लिया है और मेरे पति सब जानते है उन्हें भी मेरी चुदाई दूसरे से करने में मज़ा आता है!

बात कुछ दिनों पहले की है, मैं घर का कुछ सामान लेने बाजार गई थी. मैं तो अपना सामान लेने में लगी थी कि एक लंबा चौड़ा आदमी मेरे बगल में आ कर बोला- भाभी जी नमस्ते!
मैंने उसे देखा और पूछा- आप कौन हो? मैं आपको नहीं जानती.
तो वो बोला- मेरा नाम आकाश है, और आप अपना नाम बता दो तो जान पहचान हो जाएगी!
मैं उससे कुछ बोले बिना वहाँ से आगे चल दी और वो मेरे पीछे पीछे लगा रहा, मैं जहाँ जाती वो भी मेरे पीछे वहीं आ जाता.

मुझे गुस्सा आ रहा था मैंने उसे रोक कर पूछा- आप क्या चाहते हो? मेरा पीछा क्यों कर रहे हो?
तो वो बोला- आप मुझे अच्छे लगी, मैं आप से दोस्ती करना चाहता हूँ.
मैंने उसे तुरंत मना कर दिया कि मैं शादीशुदा हूँ और मैं इन सब चक्कर में नहीं पड़ती, अब मेरा पीछा छोड़ दो, अब मेरे पीछे मत आना!

मगर वो माना नहीं- भाभी, जी मुझे पता है आप शादीशुदा हैं, पर कौन से पंडित ने कहा है कि शादी के बाद आप किसी से दोस्ती नहीं कर सकती. मैं तो बस आपसे दोस्ती करना चाहता हूँ और कुछ नहीं!
मैंने आकाश को साफ साफ बोल दिया- देखो, मुझे सब पता है दोस्ती वोस्ती कुछ नहीं, सब कहने की बात है, सारी दोस्ती और प्यार बैडरूम में ही जा कर पूरी होती है. मुझे माफ़ कर दो कोई और देख लो!
मेरी बात सुन कर वो बोला- आप मुझे गलत समझ रही हैं, मुझे एक मौका तो दो, मैं आपको गलत साबित कर दूँगा कि सब लोग एक जैसे नहीं होते.
मैंने आकाश से साफ मना कर दिया- देखो आकाश, मुझे तुम्हें गलत और सही साबित करने की कोई जरूरत नहीं है, बस मेरा पीछा छोड़ दो, मैं अब घर जा रही हूँ, मेरे पीछे नहीं आना, वरना अच्छा नहीं होगा!

और फिर मैं अपनी शोपिंग खत्म कर के घर की तरफ चल दी. मैंने रास्ते में आकाश को कहीं देखा नहीं, मुझे लगा कि आकाश ने मेरा पीछा छोड़ दिया, मैं घर आई और जब मेरे पति घर पर आये तो मैंने उन्हें सारी बात बता दी.
तो वो बोले- देख लो तुम्हें करना है तो कर लो, मैंने कब मना करा है, मुझे भी तुम्हारी चुदाई देखने को मिलेगी!

मेरे पति तो बस मेरी चुदाई देखने के इंतजार में रहते है कि कब मैं किसी से चुदूँ और वो देख कर मज़ा लें!

ऐसे ही एक दो दिन गुजर गए, मैं आकाश के बारे में सोच रही थी, मुझे भी किसी और के साथ चुदाई करे महीने हो गए थे, मेरा मन भी बाहर चुदाई के लिए मचल रहा था, मेरे पति मेरी चुदाई करते तो है और मैं शांत भी हो जाती हूँ पर फिर भी मेरा मन बाहर चुदने को कर रहा था!

एक दिन अचानक मैंने आकाश को अपने घर के बाहर घूमते देखा, मैं उसे अपने घर के बाहर देख कर थोड़ी सी हैरान हो गई कि इसे मेरा घर कैसे पता चला, वो बार बार मेरे ही घर की तरफ देख रहा था और मैं छुप कर उसे देख रही थी कुछ देर ऐसे ही घूम कर वो चला गया!

उसके जाने के बाद मैंने सोचा कि चलो इसको पटा ही लेते हैं पर मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि इसे तो मैं साफ मना कर चुकी हूँ अब उससे बात कैसे करो!
तो फिर मैंने सोचा कि अगर ये मेरा पीछा कर रहा है तो मैं बाजार जाती हूँ ये मेरे पीछे जरूर आएगा.

मैं अगले दिन उसी समय बाजार गई जिस समय मैं पहले गई थी. जब मैं बाजार पहुची तो जो मैंने सोचा था, वही हुआ, आकाश मेरे पीछे था, थोड़ी देर इधर उधर घूमने के बाद आकाश ने जैसी मुझे अकेला देखा, मेरा हाथ पकड़ कर रोक लिया!
मैंने आकाश को घूर के देखा तो उसने मेरा हाथ छोड़ दिया और बोला- सॉरी भाभी जी, मुझे गलत मत समझना, मैं तो बस आपसे बात करना चाहता हूँ, उस दिन के बाद आज आप मिली हो!
मैं आकाश से बड़े आराम से बोली- आकाश, देखो ये ठीक नहीं है. मैंने तुम्हें पहले भी कहा था कि मैं इन सब चक्कर में नहीं पड़ना चाहती तो तुम क्यों मेरे पीछे पड़े हो?
तो वो बोला- भाभी, सिर्फ दोस्ती कसम से और कुछ नहीं… आपसे दोस्ती करने के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूँ चाहे आप मुझे एक बार आजमा कर देख लो, आप जो कहोगे, मैं वो करूंगा, आप एक बार बोल के तो देखो!

मैं मन में सोच रही थी कि इसको क्या कहूँ, इसने करना कुछ नहीं है, मैंने भी सोचा आजमा कर देखते हैं.
तो मैंने उससे पूछा- क्या कर सकते हो मेरे लिए?
तो वो बोला- जो आप कहें!
मैंने भी बिना कुछ सोचे कह दिया- ठीक है, मैं दोस्ती करूँगी पर कुछ खर्चा करना पड़ेगा!

वो तो खुश होते हुए बोला- जितना बोलो उतना खर्च कर देंगे आप के लिए!
मैं भी बोली- देखते हैं कितना दम है तुम्हारे में!
वो बोला- दम अभी देखा कहाँ है, समय आने पर वो भी दिखा देंगे.
मैं भी ‘ठीक है, देखते हैं.’ कह कर चल दी!

फिर हमारी मुलाकात होने लगी और वो जब भी मिलता, हज़ार, दो हज़ार, पांच हजार खर्च देता. मुझे मज़ा आ रहा था, जब भी जाती, कभी सूट, कभी साड़ी, कभी कुछ तो कभी कुछ… मगर मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि वो इतने पैसे खर्च कर रहा है पर अब तक चुदाई कोई बात नहीं हुई.
मुझे क्या करना था, मुझे तो बस जो चाहिये था, वो मैं उससे बोल देती और वो ला देता!

फिर वो दिन भी आ ही गया जो मैं सोच रही थी.
आकाश ने फ़ोन किया और बात बात में बोल दिया- मैं तुमसे अकेले मिलना चाहता हूँ.
मैंने भी उसे मना नहीं किया पर मैंने उससे पूछा- मिल तो लूंगी. पर मुझे क्या मिलेगा?
उसने कहा- जो तुम कहो, वो दूँगा. बस अब रहा नहीं जाता.

मैंने उसे साफ कह दिया- मुझे पैसे चाहियें.
तो वो बोला- कितने चाहियें?
मैं बोली- कितने दे सकते हो?
तो वो बोला- दस हज़ार… बस तुम एक बार मिल लो!
फिर मैंने कहा- बस, तुम्हारी नज़र में मेरी इतनी कीमत है?
वो बोला- नहीं, तुम तो यार लाखों में हो.
मैं बोली- लाखों में है और मुझे सिर्फ दस हज़ार?

तो वो सीधा पचास हज़ार पे आ गया और बोला- इससे ज्यादा नहीं दे सकता.
मैंने भी उसको कहा- क्यों मज़ाक कर रहे हो?
तो वो बोला- मज़ाक नहीं है. तुम बोलो तो अभी तुम्हारे घर पहुंचा दूँ?
मैं बोली- मज़ाक अच्छा है!

पर वो माना नहीं, मुझे तुरंत मिलने बुलाया, मैं भी घर पर खाली थी तो उससे मिलने चली गई!
हम जिस पार्क में मिलते थे, वहीं मिले और फिर आकाश ने मुझसे कोई बात करे बिना ही मेरे जाते ही मेरे हाथ में पचास हज़ार रुपये पकड़ा दिए और कहा- जब तुम्हें टाइम मिले, मुझे बता देना. मैंने आकाश से कहा- मैं तो मज़ाक कर रही थी यार, तुम सच में पैसे ले आए?
आकाश बोला- तुम्हारे लिए ये सब मज़ाक होगा पर मैंने तुम पहले ही कहा था तुम्हारे लिये में कुछ भी कर सकता हूँ.

तो मैंने कहा- तुम्हें अकेले मिलना है तो मिल लूंगी पर ये पैसे तुम रख लो!
वो बोला- नहीं, अब ये तुम्हारे हैं.

मैं मना करती रही पर आकाश माना ही नहीं और फिर हम दोनों ने किस किया और मैं अपने घर आ गई!

घर आकर शाम को मेरे पति के आते ही मैंने सारी बात उन्हें बता दी तो वो मुझे बोलने लगे- तुम्हारे तो मजे हैं, पैसे भी और चुदाई भी… पर मुझे तुम्हारी चुदाई देखनी है हर बार की तरह. तो कब दिखा रही हो?
मैंने अपने पति को बोला- कैसे दिखाऊँ? आकाश तो मुझे बाहर कहीं ले जायेगा और मैं तुम्हें अपने साथ नहीं ले जा सकती.
तो मेरे पति बोले- ठीक है, जाओ रंडी की तरह पैसे लो और होटलों में जाकर चुदो! हमारा क्या है हम यही लंड हिला लेंगे. उसने पैसे दिये हैं जाना तो पड़ेगा मगर याद रखना कि वो पैसे दे रहा है तो तुम्हारी चुदाई भी जम कर करेगा.
मैं बोली- अब जो होगा देखा जाएगा, अब तो पैसे ले लिये!

फिर दो दिन बाद मैंने आकाश को फ़ोन किया और कहा- मैं कल तुमसे मिल सकती हूँ, कल मेरे पति जल्दी काम पर चले जायेंगे.
तो आकाश बोला- ठीक है, कल तुम वहीं मिलना जहाँ मिलते हैं!

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अगले दिन मेरे पति जाते ही मैं भी आकाश से मिलने चल दी, जब आकाश से मिली तो वो एकदम तैयार होकर आया था. मैंने आकाश से पूछा- शादी में जा रहे हो क्या?
आकाश बोला- नहीं, सुहागरात मनाने जा रहा हूँ.
मैं भी मुस्कुराते हुए बोली- चलो… क्या यहीं पर मनाओगे?

आकाश मुझे एक बड़े से घर में ले गया. उसने कहा कि यह उसके एक दोस्त का घर है, यहाँ कोई आता जाता नहीं है. आकाश मुझे सीधा बेडरूम में ले गया और जाते ही मुझे पीछे से पकड़ कर मेरे गले पर किस करने लगा.
मैंने भी आकाश को नहीं रोका, मैं तो कब किसी बाहर वाले से चुदने को तैयार थी.

आकाश ने मेरी साड़ी का पल्लू हटा दिया और मेरी चुचियों को ब्लाउज के ऊपर से मसलने लगा. मैं भी उसके हाथ पे अपना हाथ रख कर अपनी चुचियाँ मसल रही थी. मेरी हालत तो इतने में खराब हो गई थी. फिर आकाश एक एक कर मेरे ब्लाउज के हुक खोल दिये और ब्लाउज निकाल कर अलग फेंक दिया और मेरी चुचियों को ब्रा को बिना खोले नीचे सरका कर बाहर निकाल लिया फिर मुझे दीवार के साथ लगा कर मेरी चुचियों को अपने मुंह में भर लिया और जोर जोर से चूसने लगा. मैं भी उसका सर पकड़ कर अपनी चुचियों में दबा रही थी और मस्ती में डूबी जा रही थी.

उसने मेरी चुचियाँ चूस चूस कर लाल कर दी थी. फिर उसने मेरी चुचियाँ चूसते चूसते मेरी साड़ी खींच कर खोल दी और मेरे पेटीकोट का नाड़ा खींच दिया जिससे मेरा पेटिकोट नीचे सरक गया और आकाश मेरी चुत को पेंटी के ऊपर से ही सहलाने लगा.
मेरी चुत पहले ही पानी पानी हो रही थी जिससे मेरी पैंटी पूरी गीली थी.

कुछ देर मेरी चुत सहलाने के बाद आकाश ने मेरी ब्रा और पेंटी उतार कर मुझे नंगी कर दिया और खुद भी सारे कपड़े उतार कर नंगा हो गया!
जब आकाश ने अपने कपड़े उतारे तो उसका लंड देख कर हैरान हो गई उसका लंड भी दीपक के लंड की तरह खूब बड़ा और मोटा था. दीपक मेरा पहला आशिक था जिसने मेरी शादी के बाद सबसे पहले चुदाई कर और मुझे बाहर चुदने की लत लगा दी थी!

इतना सोचते ही मुझे मेरे पति की याद आई कि वो मेरी चुदाई देखने को बोल रहे थे पर कैसे दिखाऊँ?
तभी मेरे को एक आईडिया आया कि मैं अपने मोबाइल में अपनी वीडियो बना कर अपने पति को दिखा दूँ तो वो भी खुश हो जायेंगे… पर वीडियो कैसे बनाऊँ?

तभी आकाश ने मुझे अपना लंड पकड़ा दिया और हिलाने को कहने लगा और मुझे मुँह में लेने को बोलने लगा.
मैंने आकाश को बोला- जाओ धो के आओ, तब मैं मुँह में लूंगी.
वो थोड़ा नखरे करने के बाद बाथ रूम गया तभी मैंने मौका देखा और अपना मोबाइल का कैमरा चालू कर टेबल पर एक कैलेंडर रखा था उसके पीछे छिपा कर रख दिया.
हमारी वीडियो बनने लगी!

आकाश आया और आते ही मेरे मुंह में अपना लंड देकर अंदर बाहर कर लगा. मुझे भी लंड चूसने में मज़ा आ रहा था और मैं मस्ती में लंड चूस रही थी.

फिर उसने मुझे बेड पर लेटा दिया और मेरे दोनों पैर खोल कर मेरी चुत चाटने लगा, पहले तो मेरे दाने को जीभ से सहलाकर मुझे मस्त करने में लगा था, फिर मेरी चुत में अपनी जीभ घुसा घुसा मेरी चुत चाट रहा था. मैं तो मस्ती में पागल होती जा रही थी अब तो बस मुझे मेरी चुत में लंड चाहिये था!

कुछ देर बाद जब मेरे से रहा नहीं गया तो मैंने आकाश को बोला- अब डाल दो.
आकाश खड़ा हुआ और मुझे घोड़ी बना कर मेरे पीछे से मेरी चुत में लंड टिका कर पहले तो धीरे धीरे थोड़ा थोड़ा लंड अंदर बाहर कर रहा था, फिर अचानक उसने एक जोरदार धक्का मारा, मेरी तो चीख निकल गई और उसका पूरा लंड मेरी चुत में घुस गया.

मुझे थोड़ा थोड़ा दर्द हो रहा था पर आकाश ने मुझे पीछे से कस कर पकड़ रखा था जिससे मैं छुड़ा भी नहीं पाई!
अब आकाश ने तो शुरू में ही तेज़ तेज़ धक्के मारने चालू कर दिए. मैं उसे बोल रही थी- थोड़ा धीरे धीरे करो!
पर वो तो मेरी जम कर चुदाई कर रहा था, उसका लंड मेरी चुत में बिल्कुल टाइट फिट था, अब मुझे भी मज़ा आ रहा था, मैं भी अपनी गांड आगे पीछे कर के चुदाई का मज़ा ले रही थी!

आकाश अब झड़ने वाला था तो उसने मुझे सीधा किया और मेरी चुचियों पे अपना सारा माल निकाल दिया. जब वो झड़ कर बैठ गया तो मैं बोली- बस अब चलें?
तो वो मुझे गाली देने लगा.
मैं एकदम हैरान रह गई.

वो बोला- साली रंडी, अभी चुदाई हुई कहाँ है, तुझे चुदने के लिए मुँह मांगे पैसे दिए हैं और तू बस एक बार में ही जाने को बोल रही है? अभी तो तुझे और चोदूँगा, अपने पूरे पैसे वसूल करूँगा, तब यहाँ से जाएगी तू!

मैं तो अभी सही से झड़ी भी नहीं थी तो मैंने सोचा ‘चलो फिर एक बार चुदाई कर लेती हूँ, मेरा क्या जाता है, मज़ा ही आएगा.
तो मैंने भी बड़े प्यार से कह दिया- आज तो मैं तुम्हारी हूँ, जितना चाहे चोद लो, कर लो अपने पैसे वसूल! मैंने तो तुम से पहले ही कहा था सारी दोस्ती और प्यार बैडरूम में पूरे होते हैं.
तो वो बोला- साली मुझे पता है तू बहुत बड़ी चुदक्कड़ है. चल मेरा लंड सहला, ये फिर से खड़ा हो जाये और मैं तेरी चुदाई करूं!

मैं उसका लंड पकड़ कर हिलाने लगी, उसका लंड फिर से खड़ा हो गया और उसने मुझे सीधा लेटा कर मेरी गांड के नीचे तकिया लगा दिया जिससे मेरी चुत ऊपर उठ गई और फिर वो मेरे ऊपर आया, मुझे किस किया और मेरे चुचियाँ दबा कर अपना लंड मेरी चुत में घुसा दिया और फिर मेरी ज़बरदस्त चुदाई करने लगा.
मैं भी उसका पूरा साथ दे रही थी और मेरे मुंह से सिसकारियाँ निकल रही थी, मुझे तो खूब मजा आ रहा था.

करीब आधे घण्टे की चुदाई के बाद वो मेरी चुत में ही झड़ गया!

उस दिन आकाश ने मुझे चार बार चोदा और फिर आकाश नहाने चला गया. मैंने अपने कपड़े पहने, मोबाइल बंद किया और घर आ गई.

घर आकर शाम को जब मेरे पति आये तो उन्होंने आते ही पूछा- चुद आई?
तो मैंने मुस्कुरा कर मना कर दिया- मैं तो गई नहीं!
तो वो बोले- मैं मान नहीं सकता कि तुम ना गई हो, तुम्हारी चाल ही बता रही है कि आज जम कर चुदाई हुई है.
तब मैंने कहा- हाँ गई थी और तुम्हारे लिये एक सरप्राइज भी है वो मैं तुम्हें रात को दूँगी!

जब रात हुई तो मैंने अपने पति को अपनी चुदाई की पूरी वीडियो दिखाई वो तो बड़े खुश हुए और फिर मेरे पति ने मेरी रात भर चुदाई करी!

मेरी चुदाई की कहानी आप सबको कैसी लगी, जरूर बताना!

मैं जल्द वापस आऊंगी अपनी एक नई xxx हिंदी स्टोरी लेकर!
आपकी प्यारी जाह्नवी

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