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मेरी दीदी और उनका हॉट लवर

Antarvasna sex kahani, मेरी दीदी और उनका हॉट लवर देसी चुदाई की कहानी के पाठकों आप सभी को नमस्कार. आज मैं आपको अपनी मेरी बहन के चुदाई की एक ऐसी कहानी सुनाने जा रहा हूँ, जिसे सुन कर अपका मन भी किसी लड़की के साथ सेक्स करने का होने लगेगा.

मैं जो कहानी सुनाने जा रहा हूँ.. वो मेरी बहन की उनके प्रेमी के साथ हुए सेक्स की है, जिसे मैंने अपनी आँखों से देखा था. इसके पहले कि मैं अपना कहानी सुनाना शुरू करूँ, मैं आपका परिचय अपनी बहन और उनके प्रेमी से करा देता हूँ. मेरी बहन की उम्र तीस साल की है. वे एक लम्बी गोरी और भरे हुए शरीर की होने के साथ ही एक ऐसी औरत हैं जिनको हर रोज एक नए पुरुष की तलाश रहती है. लेकिन इसके साथ ही वो अपने प्रेमी को, जो कि एक लम्बा हैंडसम और समर्थ आदमी है, उसकी उम्र 33 साल की है. मेरी बहन उससे बेहद प्यार करती हैं. मेरी बहन एक निजी संस्थान में काम करती हैं. जीजाजी भी एक निजी कम्पनी में काम करते हैं. मैं मेरी बहन से मिलने अक्सर जाया करता था. मेरी बहन मेरे घर के पास ही रहती थीं.

एक दिन मैं जब मेरी बहन के रूम पर गया तो जीजा जी को मेरी बहन से अपने ऑफिस के काम से कहीं जाने की बात करते हुए सुना.
बहन ने जीजा जी से पूछा- कब जाना है?
जीजा जी ने बताया कि उनको शनिवार को एक दिन के लिए जाना है.
बहन का रिएक्शन देख कर मैं उसी वक्त समझ गया था कि अब कुछ होने वाला है.

शनिवार को शाम को जब मैंने मेरी बहन के पास फोन किया और मेरी बहन से पूछा कि क्या मैं आ जाऊं?
तो मेरी बहन ने बोला- नहीं मेरा अभी कुछ ठीक नहीं है, मैं अपने रिश्तेदार के यहाँ भी जा सकती हूँ.

मैंने रात के 8 बजे अचानक सोचा कि चल कर मेरी बहन से मिल लूँ. शायद उनको किसी चीज की जरूरत हो.

मैं जब उनके फ्लैट पर पहुँचा जो कि तीसरे माले पर था. मैंने वहाँ फ्लैट के दरवाजे को लॉक पाया. जैसे ही मैंने वहाँ से चलने के लिए एक कदम बढ़ाया, तभी मैंने अन्दर से कुछ आवाजें सुनीं, इससे मुझे कुछ शक हुआ.

मैंने सोचा कि देखूँ शायद कोई है. मैं जैसे ही रूम की खिड़की पर गया और छिप कर देखा तो मेरा शक यकीन में बदल गया. मैंने रूम में मेरी बहन को उनके प्रेमी के साथ बैठा पाया. उसको देख कर ऐसा लग रहा था कि वो अभी थोड़ी देर पहले ही आया था. मेरी बहन उससे सट कर बैठी हुई थीं.

उसने मेरी बहन के कंधे पर हाथ रख कर उनकी चूचियों को दबाने के लिए जैसे ही हाथ को नीचे किया, मेरी बहन मुस्कुराते हुए बोलीं- अभी से क्यों बेचैन हो रहे हो, अभी तो पूरी रात बाक़ी है.
इतना सुन कर वो उठ कर अपने बैग के पास गया और अपने कपड़ों को निकाल कर कपड़े बदल लिए. अब वो एक तौलिया पहने हुए था उसने अपने बैग से एक सीडी और उसका प्लेयर निकाला. प्लेयर को टीवी से कनेक्ट किया और सीडी डालने के बाद वो आकर मेरी बहन के पास बैठ गया.

जैसे ही टीवी को ऑन किया.. मेरी बहन टीवी के सीन को ध्यान से देखने लगीं. अब वो मेरी बहन की दोनों चूचियों को पकड़ कर दबाने लगा. मेरी बहन अब तक चुपचाप बैठी हुई थीं. लेकिन अब उनके मुँह से ‘आआह.. आऊऊ..’ की आवाज निकलने लगी.

कुछ ही पलों बाद मेरी बहन वहीं बिस्तर पर औंधी लेट गईं. मेरी बहन के लेटते ही उसने बहन के पजामे को दोनों तरफ़ से पकड़ कर एक बार में आधा उतार दिया. मेरी बहन के पजामे को उतारने के बाद वो मेरी बहन के जांघ के पास बैठ गया. उसके इस तरह से बैठने से मुझे कुछ दिखाई नहीं दे रहा था. मैंने भी खिड़की की साइड बदल ली.

जब मैं दूसरी खिड़की पर गया तो वहाँ से मेरी बहन का पिछवाड़ा पूरी तरह से साफ़ दिख रहा था. मेरी बहन की गांड को देख कर मेरे लंड का हाल अजीब सा होने लगा. जैसे ही उस आदमी ने अपना लंड निकाला, उसके लंड को देख कर ऐसा लगा कि मेरी बहन की गांड उसके लंड के लिए बिल्कुल ही परफेक्ट है. उसने अपने मुँह से थोड़ा सा थूक निकाल कर मेरी बहन की गांड को फ़ैलाते हुए उसके छेद पर लगा दिया. मेरी बहन अभी भी अपनी कोहनियों के बल लेट कर ब्लू-फिल्म देख रही थीं. उस आदमी ने मेरी बहन की गांड में थूक लगाने के बाद अपने लंड पर भी थूक लगा लिया. इसके बाद उसने लंड को मेरी बहन के गांड में घुसा दिया.

उसने लंड को अन्दर करने के लिए जैसे ही एक जोर का झटका मारा, मेरी बहन के मुँह से ‘आआह.. आऊऊ..’ की आवाज निकल गई. उस समय टीवी में दिख रहा था कि एक लड़का एक लड़की का गांड मार रहा था. उसका पूरा लंड लड़की के गांड में चला गया था.

उस सीन को देख कर वो बोला- देखो.. उसका लंड लड़की की गांड में चला गया है, तो मेरा लंड तुम्हारी गांड में क्यों नहीं जा सकता है.

ये कहते हुए उसने मुस्कुराते हुए एक और जोर से झटका मारा, मेरी बहन ने जोर से सिसकारी लेते हुए कहा- आह.. धीरे-धीरे पेलो.. दर्द हो रहा है.

वो अब अपनी कमर को धीरे-धीरे हिलाने लगा. बीच-बीच में वो जोर के झटके मार कर पूरे लंड को मेरी बहन के अन्दर-बाहर करने लगा. कुछ देर में पूरा लंड के वो मेरी बहन की गांड के अन्दर चला गया था. कुछ देर के बाद वो मेरी बहन के गांड में झड़ गया. लगभद 5 मिनट के बाद उसने अपना लंड निकाल लिया और मेरी बहन के ऊपर से हट कर बाथरूम में चला गया.

बहन वैसे ही तब तक लेटी रहीं जब तक कि वो आ न गया.

अब मेरी बहन उठ कर बाथरूम में चली गईं. इधर वो टीवी पर चल रही फिल्म को देखने लगा. मेरी बहन जैसे ही रूम में वापस आईं. वो मेरी बहन के हाथ को पकड़ते हुए लेट गया और मेरी बहन के हाथ में अपने लंड को पकड़ाते हुए बोला- लो पहले इसे चूसो.

मेरी बहन बोलीं- रुक जाओ यार.. मैं पहले अपने कपड़े तो उतार दूँ.

बहन ने अपने कपड़े उतार कर जैसे ही उसके सामने खड़ी हुईं. वो मुस्कुराते हुए बोला- ये क्या कर लिया है.. कब किया?
बहन बोलीं- आज ही किया है.

मैंने देखा तो पाया कि मेरी बहन ने अपनी चुत के बालों को साफ़ कर लिया था. मेरी बहन ने उसके लंड को पकड़ कर अपने मुँह में ले लिया. इधर वो मेरी बहन के मम्मों को दबाने लगा.
कुछ ही पलों में मेरी बहन की लंड चूसने की रफ्तार बढ़ गई. कुछ देर के बाद उसने मेरी बहन से बोला- अब लंड छोड़ दो.

जब मैंने देखा तो पाया कि उसका लंड बिल्कुल ही तन कर तैयार हो चुका था. मेरी बहन ने लंड को मुँह से निकाल दिया. अब उस आदमी ने बिस्तर से उठ कर मेरी बहन को बिस्तर पर लेटने के लिए बोला. जैसे ही मेरी बहन बिस्तर पर लेटीं, वो मेरी बहन की चुत को कुछ देर तक देखता रहा.

फिर वो मेरी बहन के दोनों पैरों को फ़ैला कर उनके बीच में लेट गया और अपनी जीभ को मेरी बहन की चुत के ऊपर रगड़ने लगा. मेरी बहन ने मस्ती में आँखें बंद कर लीं और जोर-जोर से सिसकी लेते हुए बोलने लगीं- उह्हह्ह.. हरीईई.. थोड़ा और अन्दर.. आआह थोड़ा.. अह.. धीरे चाटो.. आह..

उसने मेरी बहन की तरफ़ देखते हुए मेरी बहन के मेरी बहन के पैरों को थोड़ा और फ़ैलाते हुए मेरी बहन की चुत के होल में अपनी जीभ को घुसेड़ कर अन्दर-बाहर करने लगा.

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मेरी बहन की तो जैसे जान ही निकल गई. अब वो आदमी उठ कर मेरी बहन के पैरों को ठीक करते हुए उनकी जांघ पर बैठ गया और अपने लंड को उनकी चुत पर रखते हुए मेरी बहन की चुत पर लंड को जब उसने रखा तो मेरे लंड से पानी निकल गया. मेरी बहन ने अपने हाथों से चुत को फ़ैलाते हुए लंड को रास्ता दिखाया.

अब उसने बिना कुछ सोचे मेरी बहन की चुत में लंड को पेलने के लिए एक जोर का झटका दे मारा. लेकिन उसका लंड फ़िसल गया. उसने एक बार और प्रयास किया, लेकिन लंड के हिसाब से चुत कसी हुई थी.

अब वो उठ कर पास के रूम से तेल की शीशी ले आया और मेरी बहन की चुत पर थोड़ा सा तेल डाल कर उंगली चलाई.
मेरी बहन बोलीं- अब घुस जाएगा, अब तुम भी अपने लंड पर तेल लगा लो.
उसने अपने लंड को तेल से भिगो लिया और मेरी बहन की चुत के निशाने पर बैठ गया.

इसके बाद उसने बिना देर किए मेरी बहन की चुत पर अपने लंड को टिकाया. मेरी बहन ने भी लंड को हाथ से पकड़ कर चुत के गेट पर सैट कर दिया. तभी उसने एक जोर का झटका दे मारा, मेरी बहन की चुत में लंड लगभद एक चौथाई चला गया था. मेरी बहन के मुँह से एक जोर की आआह.. अह्हह्ह..’ की चीख निकल गई.

जब उसने पूछा- चला गया?
तो मेरी बहन बोलीं- हाँ..

वो मेरी बहन के ऊपर लेट गया और मेरी बहन की चुत के अन्दर अपने लंड को पेलने के लिए पहले तो धीरे-धीरे चोदा, लेकिन जैसे-जैसे चुत की चिकनाई बढ़ती गई, उसकी चुदाई की स्पीड भी बढ़ती जा रही थी

बहन के मुँह से भारी कामुक आवाजें निकल रही थीं ‘आआअह.. आह.. ऊहह..’
इन आवाजों से उसका जोश और भी बढ़ रहा था. इसी बीच उसने मेरी बहन की दोनों चूचियों के ऊपर भी तेल लगा दिया. अब उसने मेरी बहन की चूचियों को अपनी हथेलियों में भरकर मसलना शुरू किया तो मेरी बहन अपने बदन को उत्तेजना के साथ ऐंठने लगीं. मेरी बहन को ज्यादा शायद मजा आ रहा था.

बहन को ऐसा करते हुए देख कर उस आदमी का जोश एक तो ऐसे ही बढ़ रहा था और दूसरी तरफ़ मेरी बहन के पैर में जो पायल की झनकार सुनाई देती थी, वो उसके जोश को और ज्यादा बढ़ा रही थी.

कुछ देर के बाद जब मेरी बहन ने पूछा- और कितना बाहर रह गया है?
तो वो मुस्कुराते हुए बोला- तुम खुद देख लो.
वो उठ कर बैठ गया. मैंने जब देखा तो उसका लंड जो कि 8″ का लम्बा था, पूरा का पूरा मेरी बहन की चुत के अन्दर जा चुका था.

बहन ने अपनी गरदन उठा कर देखा और बोलीं- अह.. ये तो पूरा चला गया है.
वो हंसती हुई लेट गईं.

उसने मेरी बहन की दोनों चूचियों को बुरी तरह से मसलना शुरू कर दिया. मेरी बहन के मुँह से ‘आआह.. ऊऊहह..’ की आवाज लगातार निकल रही थी.

इस तरह से वो मेरी बहन की चुत को कई मिनट तक चोदता रहा. मेरी बहन भी उसके सुर में ताल मिलाने लगी थीं. देर तक चुदाई करने के बाद जब वे दोनों होंठों को चूसने लगे, तो मैं समझ गया कि अब दोनों ढेर होने वाले हैं.

वही हुआ, वे दोनों अब शांत हो गए. इस तरह वो मेरी बहन के ऊपर कुछ मिनट तक लेटा रहा. इसके बाद उतर के बगल में लेट गया और दोनों थक कर चूर हो गए थे, इसके चलते टीवी को बंद करके सो गए.

मेरी बहन की चुत पूरी तरह से फूल चुकी थी. मैं भी वहीं फर्श पर लेट गया. सुबह मैं अचानक जब नींद खुली तो मैंने कमरे में कुछ आवाज सुनीं, मैंने फिर से अन्दर देखा तो देखा कि वो टीवी को चालू कर रहा था.

बहन बिस्तर पर उलटी तरफ़ से लेटी हुई थीं. टीवी ऑन करने के बाद वो मेरी बहन के ऊपर चढ़ गया और मेरी बहन की गांड में अपने लंड को पेल दिया. लंड को अन्दर और अन्दर करने के लिए वो मेरी बहन की कमर को पकड़ के जोर-जोर से झटके मार कर अन्दर करता जा रहा था.

कुछ देर में उसने अपने लंड को अन्दर करने के बाद मेरी बहन की गांड में अपने बीज को गिरा दिया. अब उसने अपना लंड निकाल लिया और मेरी बहन के ऊपर से हत गया. कुछ देर के बाद वो मेरी बहन के साथ ही बाथरूम में गया.

वहाँ मेरी बहन ने पेशाब करने के बाद अपने चूत को पानी से खूब अच्छी तरह से साफ़ किया, इसके बाद उसके लंड को भी साफ़ किया. दोनों वापस टीवी वाले रूम में आए. उसने टीवी में चुदाई के सीन को देख कर मेरी बहन को चोदने के लिए उतावला हो गया और मेरी बहन को बिस्तर पर पटक कर मेरी बहन के दोनों पैरों को फ़ैलाते हुए मेरी बहन की चुत में लंड को पेल कर जोर से झटका मारा. इस बार मेरी बहन की चुत में उसका लंड चला गया.

बहन जोर से चिल्ला उठी- आआह.. औई..ऊऊहह.. ये क्या कर रहे हो!
इतना सुन कर वो बोला- टीवी में चुदाई के सीन और तुम्हारी इस चिकनी चुत को देखने के बाद मेरे लंड को बर्दाश्त नहीं हो रहा था.

उसने टीवी में देख कर मेरी बहन की चुत को जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया. मेरी बहन बुरी तरह से चीख चिल्ला रही थीं- अह.. ईरी.. उईईई.. अहईईई.. आअ..
कुछ देर बाद मेरी बहन बोली- प्लीज़.. थोड़ा सा तेल लगा लो.. अब सहन नहीं हो रहा..

मेरा मन तो कर रहा था कि मैं जाकर मेरी बहन की चुत में अपना लंड डाल के खूब चोदूँ. लेकिन मैं कुछ नहीं कर सकता था इसलिए चुपचाप देखता रहा.

कुछ देर में वो अपने पूरे लंड को मेरी बहन की चुत में घुसा चुका था. मेरी बहन की चूचियों को मसल कर लाल कर चुका था.
बहन की चुत में अपनी पूरे लंड को पेलने के बाद उसने मेरी बहन की चुत को पूरे तीस मिनट तक चोदा, इसके बाद मेरी बहन की चुत में अपना बीज गिराने के बाद उसने लंड को निकाला और मेरी बहन के ऊपर से हट कर अलग हुआ.

अब मेरी बहन की पोजीशन देख कर मुझे अपने मन को मनाना पड़ा. मेरी बहन की चुत बुरी तरह से फूल गई थी. चूचियों को देखने पर लगता था कि उनमें से अब ही दूध निकल आएगा. उनके होंठों को देखा तो लगा कि जैसे उसने पूरी रात सिर्फ मेरी बहन के होंठों को ही चूसा है. मेरी बहन बिल्कुल खुश थीं. मेरी बहन को देख कर लगता था कि उनकी बरसों की मुराद पूरी हो गई हो.

कुछ देर तक लेटे रहने के बाद जब वो उठीं, तब सुबह हो चुकी थी. वो अब जाने के लिए तैयार होने लगा. मैंने जब देखा कि वो जाने के लिए तैयार हो गया, तो मैं वहाँ से हट गया और उतर कर दूसरी तरफ़ चला गया. कुछ देर के बाद मैंने उसे अपने सामान के साथ जाते हुए देखा. मैं कुछ देर के बाद जब मेरी बहन के पास गया तो मेरी बहन मुझे देख कर बोलीं- तुम कब आए?

मैंने बोला- अभी आया..
बहन बहुत खुश दिख रही थीं.

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