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मैं चूत का गुलाम

Antarvasna, hindi sex story, desi chudai मई। चूत का गुलाम बना, हॉट देसी चुदाई दोस्तो, मेरा नाम राहुल गांडू इन्दौरी है, मैं 6 महीने पहले ही इंदौर में आया था, मैं यहाँ अपने मामा मामी के यहाँ रहता हूँ.
मेरे पास पॉकेट मनी के लिए पैसे नहीं रहते थे. मैंने कई नौकरी के लिए जगह जगह इंटरव्यू दिए पर कहीं पर भी नौकरी नहीं मिली. मैं हार मान चुका था.

जब मैं अपना पिछला इंटरव्यू देने गया तब मुझे वहाँ एक मोटी सी आंटी मिली.
दिखने में तो वो बहुत मोटी थी पर उसके बूब्स कसम से मस्त थे. मैं कुछ देर उसके बूब्स देखता रहा तो वो मेरी निगाह ताड़ गई और मुस्कुराने लगी.

मैं जब पार्किंग में आया तो वो अपनी एक्टिवा से मेरे पास आई और बोली- आपको नौकरी मिली या नहीं?
मैंने कहा- नहीं जी शायद नौकरी इस जन्म में तो मिलेगी नहीं!
वो बोली- नौकरी के पीछे क्यों भागते हो? कुछ हुनर सीखो तो काम आएगा.
मैं- क्या सीखूँ?
आंटी- चलो बैठो मेरे साथ, मैं बताती हूँ.

वो वहाँ से मुझे अपने घर ले गई, वहाँ उनके घर की एक नौकरानी भी थी, थोड़ी अधिक उम्र थी उस नौकरानी की… करीब 50 होगी.
वो मुझे देख कर मुस्कराने लगी.

मुझे समझ नहीं आया कि आखिर ये हो क्या रहा है.
आंटी ने नौकरानी को आवाज़ लगाई- सुनो काकी, इनके लिए पानी लाना.
और बाथरूम में चली गई.

दो मिनट बाद वो नौकरानी पानी लेकर आई, उसके ब्लाउज से उसके बूब्स दिख रहे थे, वो बुढ़िया ऐसी लग रही थी मानो कोई 25 साल की औरत हो!
पीछे से बैकलेस ब्लाउज था. मेरी नजर उसके बूब्स पर से नहीं हट रही थी.
और फिर वो अंदर चली गई.

आंटी ने मुझे बेडरूम में बुलाया और पूछा- क्या कभी तुमने बॉडी मसाज की है?
मैं- नहीं तो!
आंटी- तो आज सीख लो!
मैं- मतलब क्या है आपका?
आंटी- अरे पागल, तुम मेरी बॉडी मसाज करो, मैं तुम्हें 500 रुपये दूँगी.

मुझे पैसों की सख्त जरूरत थी, मैंने हाँ कर दी.

आंटी ने अपनी साड़ी उतार दी, अब वो मेरे सामने ब्लाउज और पेटीकोट में थी. आंटी ने नौकरानी को आवाज लगाकर तेल माँगा.
वो अंदर आई और तेल देकर बोली- मेम साब, आज तो आप मस्त लड़का लाई हो, आप कहो तो मैं इसकी जवानी चेक कर लूं?
आंटी बोली- मैंने कब मना किया है… पर पहले मेरी मसाज तो हो जाने दे!
फिर वो चली गई.

मैंने धीरे धीरे मसाज की, जैसे जैसे आंटी बताती गई, मैं मालिश करता रहा. थोड़ी थोड़ी देर बाद आंटी के कपड़े उतरते चले गए.
कुछ देर में आंटी गर्म हो गई और मेरा सर पकड़ के अपनी चूत पर लगा दिया मैंने आंटी की चूत चाटना चालू कर दिया.
दस बारह मिनट तक आंटी ने मुझसे चूत चटवाई और परम आनन्द प्राप्त करके वो शांत हो गई.
फिर बोली- मुझे जरा काम से जाना है, तुम यहीं रुको, मैं बाजार से होकर आती हूँ.

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आंटी चली गई, मैं हाल में टीवी देखने लगा.

5 मिनट बाद वो नौकरानी पूरी नंगी मेरे सामने आकर खड़ी हो गई.
मेरी आँखें चकरा गई, मैं बोला- आप ऐसे नंगी मेरे सामने क्यों आई हो? आप मेरी माँ की उम्र की हैं.
नौकरानी- तो क्या हुआ… मैं हूँ तो एक औरत ही ना… और औरत को भी तो तन की भूख लगती है, मुझे अपनी भूख मिटानी है बस!

मैं- अरे… तो आपके पति?
नौकरानी- वो साला गांडू निकला, उसे मर्द पसंद आते हैं, वो बस हिजड़ों के बीच में घूमता है!
मैं- तो आपको चोदता कौन है?
नौकरानी- तुम जैसे नए लड़के जिनको चूत चाहिए होती है.
मैं- तो कोठे पर बैठ जाओ!
नौकरानी- तू मेरी चूत चोदेगा भी या सिर्फ सवाल पूछेगा?

मैंने जल्दी से अपने कपड़े उतार दिए और उस बुढ़िया पर कुत्ते की तरह चढ़ गया, वो मेरा लंड लोलीपोप जैसे चूसने लगी. कुछ समय तक तो मेरा लंड खड़ा नहीं हुआ तो वो बोली- क्यों रे तू हिजड़ा तो नहीं है?
मैं- नहीं यार, मुझे भी लंड पसंद हैं.
नौकरानी- मतलब तू भी गंडिया है?
मैं- हाँ थोड़ा थोड़ा!

वो झिड़क के बोली- चल हट साले छिनाल के जने… मैं तो सोच रही थी कि तू मर्द है. तू निकला भी तो गांडू!
वह मुझे तरह तरह की गालियाँ दे रही थी और मैं चुपचाप सुन रहा था. मेरा मूत निकल गया.

कुछ देर बाद वो बोली- एक बात कहूँ तुझसे?
मैं- हाँ कहो?
‘तू शादी करेगा या नहीं?’
मैं- करनी तो पड़ेगी घर वालों के लिए!

नौकरानी- अपनी औरत को चोदेगा कैसे इस 3 इंच के लंड से जो ठीक से खड़ा भी नहीं होता?
मैं- नहीं, मैं उसके साथ सेक्स नहीं करूँगा पर हाँ, दुनिया की हर ख़ुशी दूँगा उसको!

नौकरानी- अरे बावले, औरत बिना चुदाई नहीं रह सकती, अगर तू नहीं चोदेगा तो वो किसी और के पास जायेगी.
मैं- जाये तो जाये, मुझे क्या, मुझे तो बस घर वालों के लिए बहू चाहिए.
नौकरानी- अगर वो कहेगी कि मुझे चुदना है तो?
मैं- तो मैं कह दूँगा तुझे जिससे चुदना हो चुद ले!

नौकरानी- वाह रे छीनाल के जने… भोसड़ी वाले!
और उसने अपनी चूत दिखाई और मुझे चटवाई. घर के सारे काम करवाये जो वो खुद करती है.

अब जब भी मेरा मन गुलामी करने का या मार खाने का होता है तो उसके यहाँ चला जाता हूँ.

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