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चूत की सेवा में मेवा

चूत की सेवा में मेवा मिला। हैल्लो मेरे मस्त दोस्तो अपना नाम बता दूं कि मेरा नाम समीर है। दोस्तों एक समय की बात है। तब मैं एक बार जयपुर से दिल्ली के लिए बस से सफर कर रहा था। और उसी बस में मुझे एक भाभी मिली और उसने बस से उतरते समय मुझे कागज के टुकड़े पर अपना फोन नंबर लिखकर दिया और कॉल करने को बोला.

वो अपने रास्ते चली गई और में होटल में चला गया. फिर अगले दिन में दिल्ली में अपने होटल में था तो तब मैंने सोचा कि उस भाभी को फोन किया जाए. फिर मैंने शाम को 5 बजे उस हाउसवाइफ को फोन किया. तो उसने मुझे पहचान लिया, उसका नाम सुमन था, उसने मुझे शाम को 7 बजे पर एक कॉफ़ी शॉप पर बुलाया.

अब में वहाँ 7 बजे पहुँच गया था और कॉफ़ी पीते-पीते उसका इन्तजार कर रहा था. अब हर पल मेरी निगाहे दरवाजे पर थी. अब वो ठीक 7 बजे आ गयी थी. अब हम दोनों ने एक दूसरे को देखकर पहचान भी लिया था, लेकिन दोस्तों सच बताऊँ तो वो क्या लग रही थी? एकदम पटाखा लग रही थी, क्या गदराई हुई मदमस्त जवानी थी उसकी? उसकी जवानी तो फूट-फूटकर उफान मार रही थी. उसका फिगर साईज करीब 36-27-36 होगा, वो पिंक कलर की सलवार में कयामत ढा रही थी. अब उसके दरवाजे से मेरी टेबल पर आने तक में उसकी जवानी को घूर-घूरकर उसकी जवानी का रसपान कर रहा था. वो 28 साल की थी, लेकिन दिखने में 24 साल से ज़्यादा की नहीं लग रही थी.

फिर वो मेरी टेबल पर आ गयी और बैठ गयी. फिर हम दोनों ने एक दूसरे को हैल्लो कहा और फिर में उसके लिए बर्गर और कोक ले आया. फिर इसी बीच 15 मिनट तक हम एक दूसरे से बातें करते रहे. फिर उसने बताया कि उसका पति बिजनेस के सिलसिले में देश से बाहर है और उसने ये भी बताया कि उस दिन वो फ्लाइट से अपने पति के पास से ही आ रही थी. फिर हम लोग कॉफ़ी शॉप से बाहर आ गये.

सुमन ने कहा कि आज रात के लिए मेरे घर चलो, उसकी कार बाहर पार्क थी. फिर हम लोग सुमन के घर पहुँच गये. वो वसंत विहार में रहती है, वाहहह सुमन का क्या बंगला था? फिर हम लोग अंदर गये तो मैंने देखा कि उसके घर में तो कोई नहीं था. तब मैंने पूछा कि नौकर सब कहाँ है? तो तब सुमन ने कहा कि मैंने शाम को सभी को छुट्टी दे दी है और फिर मुझसे कहा कि तुम फ्रेश होकर आ जाओ, में भी थोड़ा फ्रेश होकर आती हूँ और फिर सुमन ने अपना बेडरूम मुझे बता दिया और कहा कि वहाँ जाकर नाईट ड्रेस पहन लेना.

तब मैंने कहा कि ठीक है और फिर में फ्रेश होने चला गया और रूम में आकर ड्रेस चेंज कर लिया. अब वो भी फ्रेश होकर आ गयी थी और मुझसे कहा कि समीर तुम प्लीज़ 10-15 मिनट के लिए हॉल में बैठ जाओ. तब मैंने हाँ कह दिया और फिर वो बेडरूम में चली गयी. फिर थोड़ी देर के बाद सुमन ने मुझे आवाज़ दी कि समीर अंदर आ जाओ. तो तब में अंदर आ गया और देखा तो मेरे होश उड़ गये. वो काले कलर की नाइटी में एकदम सेक्सी लग रही थी, वो पूरी रसमलाई लग रही थी.

अब में उसको खाने के लिए बेताब हो रहा था. उसकी नाइटी पारदर्शी थी, जिसमें से उसकी रेड कलर की ब्रा और पेंटी साफ-साफ़ दिखाई दे रही थी, जिसे देखकर में उत्तेजित हो गया था और अब मेरा लंड भी तनकर खड़ा हो गया था, जिसे अब सुमन ने देख लिया था. अब सुमन बेड पेर थी. फिर सुमन ने शरारती निगाहो से मुझे अपने पास में बुलाया. तो में सुमन के पास गया और फिर उसने मुझे अपने गले से लगा लिया और मेरे लंड पर अपना एक हाथ फैरकर कहा कि लंड महाराज थोड़ा इंतजार करो, चूत रानी भी अभी तैयार हो रही है, फिर चूत रानी की सेवा करके मेवा खाना.

अब हम दोनों एक दूसरे को जबरदस्त किस कर रहे थे. अब में सुमन के होंठो की लाली को चूसे जा रहा था, मुझे फ्रेंच किस करने में बहुत मज़ा आता है. अब हम दोनों चूम-चूमकर एक दूसरे का रस पिए जा रहे थे, वाह क्या मज़ा आ रहा था? दोस्तों अब में उसकी गर्दन पर, कानों पर हर जगह उसे किस किए जा रहा था और वो मस्ती में झूमे जा रही थी. अब उसका शरीर और खुद सुमन बहुत नशीली हो गयी थी.

मैंने उसकी नाइटी निकाल दी और फिर मैंने भी अपना नाईट ड्रेस निकाल दिया. अब में केवल चड्डी में था और सुमन ब्रा और पेंटी में थी. अब में उसके बूब्स को उसकी ब्रा के ऊपर से ही दबाए जा रहा था और वो अंगडाई ले-लेकर मज़े ले रही थी और आआअहह, उहह की आवाज़े निकाले जा रही थी.

अब में समझ गया था कि उसे बहुत मजा आ रहा है. अब में उसकी पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत के ऊपर अपना एक हाथ फैर रहा था. अब वो उछले जा रही थी और फिर थोड़ी देर के बाद में वो झड़ गयी. फिर मैंने सुमन की ब्रा और पेंटी निकाल दी, आह क्या बूब्स और चूत थी उसकी? उसके बूब्स इतने बड़े थे कि मेरा मन खाने और चूसते रहने का ही कर रहा था. उसके बूब्स एकदम पके हुए आम की तरह लग रहे थे और उसकी चूत की गहराईयों में डुबकी लगाने का मन कर रहा था. अब तब तक मेरा लंड और भी बड़ा और स्ट्रॉंग बन गया था. अब मेरे लंड को देखकर सुमन के मुँह में पानी आ गया था.

उसने मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर ज़ोर-ज़ोर से चूसना शुरू कर दिया. अब में भी उसकी चूत को चूसे जा रहा था, क्या अमृत था वो? अब में चूस-चूसकर सुमन की चूत का सारा पानी निकालकर पी गया था और वो झड़ गयी थी, लेकिन वो अब भी मेरे लंड को चूसे जा रही थी. फिर 10-15 मिनट के बाद मैंने कहा कि सुमन मेरा झड़ने वाला है.

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तब उसने कहा कि इसे मेरे मुँह में ही गिरा दो, तुमने मेरे अमृत को पिया है, तो में क्या तुम्हारे अमृत को नहीं पी सकती? अब वो मेरे स्पर्म को सारा अपने मुँह में लेकर पी गयी थी, सुमन ने एक बूँद भी बर्बाद नहीं की थी.

अब सुमन की चूत एकदम गीली हो गयी थी और मेरे चूसने पर उसकी चूत पच-पच की आवाज कर रही थी. फिर थोड़ी देर तक वो मेरे ऊपर लेटी रही. अब थोड़ी देर के बाद में मेरे मेरा लंड का बार-बार उसकी चूत पर रगड़ खाने से फिर से खड़ा हो गया था. फिर मैंने सुमन को लेटाकर उसके दोनों पैर फैलाकर अपने लंड महाराज को उसकी चूत महारानी के दरवाजे पर रखकर एक धक्का मारा तो तब मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया और पच से आवाज़ आई और सुमन को बहुत दर्द हुआ और वो चीख पड़ी और अब उसकी आँखो में से आँसू गिरने लगे थे और वो आहह, उहह करने लगी थी.

थोड़ी देर रुकने के बाद मैंने फिर से ज़ोर से एक धक्का मारा तो मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया और वो सिसक उठी थी. अब में धीरे-धीरे उसे चोद रहा था. फिर थोड़ी देर के बाद में उसे भी मज़ा आने लगा और अब वो भी अपनी गांड उछाल- उछालकर मेरा साथ देने लगी थी. फिर उसने कहा कि प्लीज समीर ज़ोर-जोर से चोदो ना. तब मैंने अपनी स्पीड तेज कर दी. अब वो भी आह, उफफ्फ, उहह, एम्म्म करने लगी थी. अब में ऐसे ही फुल स्पीड से उसकी चुदाई किए जा रहा था. अब वो शायद झड़ने वाली थी इसलिए वो और भी उछल- उछलकर मेरा साथ देने लगी थी और फिर थोड़ी देर के बाद में वो झड़ गयी.

अब तक वो बेड पर लेटी थी और में उसके ऊपर लेटा था. अब वो मेरे ऊपर आ गयी थी. फिर मैंने अपने लंड से उसके चूत के दाने को सहलाया और बीच-बीच में चाट रहा था. अब वो भी जोश में आ गयी थी. फिर मैंने उससे कहा कि अब तुम मेरे ऊपर आ जाओ, तो वो मेरे ऊपर आ गयी. अब इस बार एक झटके में ही मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में चला गया था. अब इस बार उसे ज़्यादा दर्द नहीं हुआ था और अब वो उछल-उछलकर चुदाई का मज़ा लिए जा रही थी.

अब वो एकदम मस्त स्टाइल से चुदवा रही थी और में उसे चोदे जा रहा था. अब वो अजीब अजीब सी आवाज़े भी निकाल रही थी और कह रही थी कि मेरे पति का लंड ना तो इतना लंबा है और ना ही मोटा है और वो एक बार की चुदाई से ही थक जाते है और वो 10 मिनट ही ज़्यादा से ज़्यादा चोद पाते है, वो मेरे इस शरीर की गर्मी को पूरी तरह से संतुस्ट भी नहीं कर पाते है.

अब में बिना कंडोम के ही उसे चोद रहा था, क्योंकि सुमन ने कहा था. अब थोड़ी देर के बाद मेरा झड़ने वाला था, इसलिए मैंने सुमन को बेड पर लेटा दिया और फिर में उसके ऊपर आकर उसे चोदने लगा. अब में झड़ने वाला था इसलिए मैंने सुमन से पूछा कि इस स्पर्म के अमृत को कहाँ निकालूँ? तो तब उसने कहा कि मेरी चूत में ही गिरा देना. तब मैंने कहा कि अगर कुछ हो गया तो.

तब उसने कहा कि अगर कुछ होगा भी तो कुछ फ़र्क पड़ने वाला नहीं है, क्योंकि 4 दिन पहले मेरे पति ने मुझे चोदा था अगर में प्रेग्नेंट भी हो गयी, तो उन्हें बोल दूँगी कि पति देव यह आपकी निशानी है, समीर डार्लिंग तुम चिंता मत करो. फिर चोदते-चोदते थोड़ी देर के बाद मैंने उसकी चूत में ही अपना वीर्य निकाल दिया. अब वो मेरे स्पर्म की गर्मी को महसूस करने लगी थी और अब सुमन का भी झड़ गया था.

फिर थोड़ी देर के बाद हम लोगों ने आराम किया और नंगे ही बेड पर लेटे रहे. फिर आधे घंटे के बाद मैंने उसे डॉगी स्टाइल में भी चोदा और फिर मैनें करीब 1 घंटे तक उसे चोदा और फिर 1 घंटे के बाद जैसे ही मेरा झड़ा तो तब उसका भी झड़ गया, क्या औरत थी वो? उसने इतने समय तक बर्दाश्त किया था. फिर थोड़ी देर के बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया, क्योंकि मेरा लंड गांड मारने का बहुत शौकीन है.

तब मैंने उससे पूछा कि क्या में तुम्हारी गांड मार सकता हूँ? तो तब उसने कहा कि आज तक मेरे पति ने मेरी गांड नहीं मारी है और ना ही मैंने कभी किसी से गांड मरवाई है, लेकिन तुम मार सकते हो, में भी गांड की चुदाई का मज़ा लेना चाहती हूँ. अब बहुत कोशिश करने के बाद भी मेरा लंबा और मोटा लंड उसकी गांड में घुस ही नहीं रहा था. फिर मैंने अपने लंड और उसकी गांड में थोड़ा तेल लगाया और फिर इस बार एक ज़ोर से धक्का मारा तो इस बार मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी गांड में चला गया. तो तब सुमन को बहुत दर्द हुआ था और वो जोर-जोर से चिल्ला रही थी.

फिर थोड़ी देर के बाद उसका दर्द कुछ कम हुआ और फिर मैंने उसकी गांड मारनी शुरू कर दी. अब उसको भी मज़ा आने लगा था और अब वो बड़े मज़े से मेरा साथ देने लगी थी. अब वो बोल रही थी कि गांड मारने में तो और भी मज़ा आता है और फिर थोड़ी देर के बाद हम दोनों एक साथ झड़ गये. अब में उसकी गांड में ही झड़ गया था. फिर हम दोनों एक साथ बाथरूम गये और फिर हम दोनों एक साथ नहाये. अब में उसे और वो मुझे नहला रही थी. फिर हम दोनों नहाकर बेडरूम में आ गये और नंगे ही एक दूसरे से चिपककर सो गये थे. फिर सुबह वो उठ गयी और मेरे लिए कॉफी और नाश्ता बनाया और फिर थोड़ी के बाद मुझे उठाया. फिर हम दोनों ने साथ में ही ब्रेकफास्ट किया. अब उस समय में और वो दोनों ही पूरे नंगे थे.

फिर हम दोनों बाथरूम में गये और साथ में नहाये और नहाते-नहाते मैंने एक बार फिर से उसकी चुदाई कर दी. फिर हम लोग नाहकर बाहर आ गये और फिर मैंने अपने कपड़े पहन लिए और वहां से निकल गया. अब में भी जब कभी भी दिल्ली जाता हूँ तो उसकी जबरदस्त चुदाई करता हूँ और खूब मजे लेता हूँ

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