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छोटी रण्डी की चूत बड़ी बना दी

छोटी रण्डी की चूत को बड़ा कर दिया. हैल्लो दोस्तों, मैं एक सरकारी ऑफिस में ऑडिट ऑफिसर के पद पर काम करता हूँ. और अक्सर मेरा तबादला दूसरे शहर के कार्यालय में होता है. और इसी काम के कारन मुझे कई कई महीनों तक दूसरे शहर में रहना होता है। एक बार उसी काम के लिए मेरा तबादला कुछ महीनो के लिए बनारस के एक छोटे से गाँव में हुआ था और वहाँ पर मुझे मेरे दफ़्तर के एक साथ में काम करने वाले के सहयोग से एक मकान किराए पर मिल गया।

मेरा मकान मलिक जिसका नाम राधेश्याम उसकी 48 साल है और वो एक प्राइवेट दफ़्तर में काम करता है। उनकी बीवी जिसका नाम माधवी उसकी उम्र 46 साल है और वो भी एक प्राइवेट हॉस्पिटल में काम करती है और उनकी दो बेटियाँ है एक बेटी का नाम संगीता और दूसरी बेटी का नाम सानिया, वो दोनों ही अभी पढ़ती है। संगीता की उम्र 19 साल है और वो एक कॉलेज में अपने पहले साल की पढ़ाई कर रही है और सानिया सोलह साल की है और वो एक स्कूल में पढ़ती है और सानिया एकदम पतली दुबली लड़की है, उसके बूब्स 30 इंच, कमर 24 इंच और गांड 28 इंच की है।

दोस्तों में कुछ ही दिनों में उन सभी लोगों से बहुत अच्छी तरह से घुल मिल गया था। में उनके साथ बहुत अच्छी तरह हंसी ख़ुशी रहता और उन सभी का व्यहवार भी मेरे लिए बहुत अच्छा था, इसलिए वो लोग भी मुझे उनके घर के एक सदस्य की तरह ही मानते थे और अक्सर शाम को सानिया मेरे पास पढ़ने आ जाती थी, वो रात को करीब 8:00 बजे से 11:00 तक मेरे कमरे में मेरे साथ पढ़ती है। में उसको कुछ विषय जिनमे वो कमजोर है वो पढ़ता हूँ। एक बार राधेश्याम 15 दिनों के लिए अपने दफ़्तर के काम से मुम्बई चले गये यह उस दिन की बात है, जब राधेश्याम को गए हुए पूरे दो दिन ही हुए थे, सानिया मुझसे पढ़ रही थी। में उसकी एक कॉपी को चेक कर रहा था कि तभी एक कागज उसकी कॉपी से नीचे गिर गया और फिर मैंने जैसे ही उसको उठाया तो सानिया ने एकदम से घबराकर वो कागज मुझसे ले लिया। फिर मैंने भी उसके हाथ से उस कागज को तुरंत एक झटका देकर खींच लिया और में अब उसको देखने लगा तब मुझे पता चला कि वो किसी गंदी किताब का चुदाई करते हुए एक फोटो था।

यह देखते ही मेरा दिमाग़ बिल्कुल सन्न से रह गया और मैंने सानिया को ऊपर से लेकर नीचे तक देखा। वो एकदम अधखिली कली थी और यह बात सोचकर मुझे एक और झटका लगा कि कहीं उसने वो सब कुछ कर तो नहीं लिया और अगर उसने कर लिया होगा तो वो आदमी कितना खुशनसीब होगा जो इतनी प्यारी कच्ची कली उसको मिली है। अब मुझे सानिया एक माल नज़र आने लगी थी और उसके बारे में यह सभी बातें सोचकर मेरा लंड तुरंत तनकर खड़ा हो गया था और फिर मैंने सानिया से पूछा कि यह तुम्हे कहाँ से मिला? तब वो डरते हुए बोली कि मेरी एक सहेली ने यह मुझे दे दिया। फिर मैंने उससे कहा कि यह सब में क्या तुम्हारी माँ को बता दूँ? अब वो मेरी बातें सुनकर डरकर रोने लगी और वो बोली कि प्लीज आप यह बात किसी को मत बताओ भैया, मैंने कहा कि तुम जानती हो यह सब क्या है? लेकिन वो कुछ नहीं बोली, मैंने कहा कि जो में तुमसे पूछता हूँ तुम मुझे वो सब बातें एकदम सच बताओगी तो में किसी को कुछ भी नहीं कहूँगा। फिर उसने अपना सर हिलाकर मुझसे हाँ भर दी, मैंने पूछा कि क्या किसी ने अब तक तुम्हारे साथ कुछ किया है? लेकिन वो कुछ नहीं बोली मैंने कहा कि सच बता दो, नहीं तो तुम सोच लो क्या होगा? तब वो बोली कि वो बस एक लड़के ने मुझे अपने गले से लगाया था और मुझे उसने किस भी किया था। फिर मैंने उससे पूछा कि और क्या किया तो उसने कुछ भी जवाब नहीं दिया।

फिर मैंने उसके छोटे से तने हुए बूब्स पर अपना हाथ रखकर थोड़ा कड़क स्वर में उससे पूछा कि क्या वो यह भी दबाता है? तब उसने सिर्फ़ हुउऊँ कहा और अब मैंने उसकी स्कर्ट के ऊपर से ही उसकी चूत को दबाते हुए उससे पूछा क्या उसने इसमे भी कुछ किया? लेकिन वो कुछ नहीं बोली। अब मैंने उसको उसी समय खींचकर अपनी गोद में बैठा लिया और उससे पूछा कि तुम मुझे सच बताओ नहीं तो में सबको बता दूँगा और मैंने उसका टॉप उठाया और उसके नन्हे से बूब्स की निप्पल को में अपने एक हाथ से धीरे धीरे सहलाने लगा, मैंने तब कुछ देर बाद महसूस किया कि उसके बूब्स के निप्पल अब तन गए थे, जिसकी वजह से मुझे हिम्मत मिली और उसको बड़ा मज़ा आ रहा था, उसके छोटे से टेनिस के बोल के आकार के गोरे बूब्स ने मुझे मदहोश कर दिया था। अब मैंने उसके बूब्स को अपने मुँह में लगाकर उसको में चूसने लगा था।

कुछ देर बाद मैंने देखा कि वो अब हॉट हो गयी है, फिर मैंने उससे पूछा कि सानिया क्या तुम्हे मज़ा आ रहा है? तो वो ज़ोर से मुझसे लिपट गयी और फिर मैंने उससे कहा कि क्या तुम वो सब करोगी? उसने अपना मुँह छुपाकर बस हुउँ कहा। दोस्तों में उसके मुहं से हाँ सुनकर बहुत खुश हुआ और मेरी ख़ुशी का कोई भी ठिकाना नहीं रहा। मुझे तो मेरे मन की इच्छा पूरी करने का मौका मिल गया था, क्योंकि वो एक कच्ची कली थी, जिसको में अपना बनाने जा रहा था। अब में उसको बेड पर ले आया और सबसे पहले मैंने उसको बहुत जमकर चूमा और चाटा सानिया एकदम दूध जैसी गोरी पतली लड़की है, उसका बदन एकदम चिकना और मुलायम है और मैंने उसको इतना चाटा कि वो लगभग भीग सी गयी। फिर मैंने अपने कपड़े उतार दिए और में अब सिर्फ़ अंडरवियर पहने हुए था और उसको भी मैंने पूरा नंगा कर दिया। उसका बड़ा ही कमाल का बदन था और उसकी चूत पर रेशम से भूरे बाल, एकदम चिपकी हुई गुलाबी रंग की दो मुलायम फांको वाली टाइट चूत, मुझसे बर्दास्त नहीं हुआ और उसी समय मैंने उसकी चूत में मुँह लगा दिया और में अपनी जीभ से उसकी चूत की फाँक को चाटने चूसने लगा था, जिसकी वजह से वो और भी गरम हो गयी और अब उसका बदन कसमसाने लगा। में अपनी जीभ को उसकी चूत में जहाँ तक जा सकती थी डालकर चाट रहा था, वो अपने दोनों पैरों को मेरी गर्दन में लपटे हुए थी।

फिर करीब बीस मिनट तक मैंने उसको चाटा तब जाकर उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया, अपनी चूत से पानी निकलने का मज़ा वो पहली बार ले रही थी और वो इतनी गरम हो गई थी कि वो मेरे सर को अपने हाथ से पकड़कर अपनी चूत में दबाते हुए मुझसे कहने लगी कि भैया और ज़ोर से आह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊईईईईई उूउउम्म्ममम करके वो ढीली हो गयी। अब में उठ गया और उसके होंठो को चूसने लगा, तब तक मेरे लंड ने जबाब दे दिया था। मैंने अपना लंड बाहर निकाला और सानिया के मुँह के पास ले जाकर उससे कहा कि तुम इसको चूसो। फिर उसने मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया, लेकिन मेरा लंड उसके मुँह में पूरा जा नहीं पाया, बस वो मेरे लंड के टोपे को ही चाट और चूस रही थी। फिर जल्दी ही मेरे लंड ने उसके मुँह में वीर्य की पिचकारी को छोड़ दिया, जिसकी वजह से उसका पूरा मुँह मेरे लंड के गरम गरम वीर्य से भर गया और उसके बाद मैंने अपनी हथेली से वो सारा वीर्य उसके चेहरे पर लगा दिया और सानिया से पूछा क्यों कैसा लगा? क्या तुम्हे मेरे साथ यह सब करने में मज़ा आया? तब वो बोली कि हाँ मुझे बहुत मज़ा आया।

फिर मैंने उससे कहा कि अभी मेरा लंड तुम्हारी इस चूत में कहाँ डाला है? जब तुम मेरे इस लंड से अपनी चूत की चुदाई करवाओगी तो तुम्हे बहुत ज्यादा मज़ा आएगा। फिर उसने मुझे जवाब देकर कहा कि हाँ चोद दीजिए ना आप मुझे जल्दी से, में भी वो मज़े लेने के लिए कब से तरस रही हूँ। फिर मैंने उससे कहा कि हाँ ज़रूर मेरी जान, आज तुझ जैसी कच्ची कली को चोदकर मेरा लंड पूरी तरह से तृप्त हो जाएगा, लेकिन अब यह बता कि यह सब तुम कहाँ से सीखी? तब उसने मुझे बताया कि उसने अपनी मम्मी को अक्सर चुदाई करते हुए देखा है। अब मुझे उसके मुहं से यह बात सुनकर बड़ा आश्चर्य हुआ मैंने उससे पूछा कि कैसे और कब तुमने देखा? अब उसने मुझे बताया कि हमारे पड़ोस में रहने वाले अंकल जब भी हमारे घर पर आते है तब वो मेरी मम्मी की जमकर मस्त मजेदार चुदाई करते है और वो बहुत गंदी गंदी बातें भी करते है वो खेल देखकर मेरा मन बहुत खुश हो जाता है।

दोस्तों अब मेरा दिमाग़ उसके मुहं से वो सभी बातें सुनकर बिल्कुल ही सन्न रह गया था कि पड़ोस के अंकल भी उसकी माँ को उनके घर पर आकर उसकी चुदाई करते है और मैंने उससे पूछा कि तुम यह क्या बातें करती हो और वो कब आकर तुम्हारी माँ को चोदते है? अब वो बोली कि मेरे वो अंकल जब भी हमारे घर पर आते है, वो तब मेरी मम्मी को चोदते है और वो मेरी मम्मी को ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर उनकी चुदाई करते समय कभी रंडी, कुतिया, छिनाल और हरामजादी भी कहते है और मेरी दीदी अंकल की ही बेटी है और वो अंकल मेरी दीदी को भी चोदना चाहते है उसके लिए मेरी मम्मी भी तैयार है, मैंने अपने कानों से सुना है कि उस दिन मम्मी ने उनको कहा कि जब भी अच्छा मौका मिले और तुम्हे घर खाली मिले तो तुम आकर इसको चोद देना। एक दिन जब मेरे पापा घर पर नहीं थे और मेरी दीदी तब सो रही थी तो अंकल ने कई बार उनके बूब्स को भी दबाया, उन्होंने मेरे भी बूब्स दबाए है और वो अंकल अक्सर जब भी मेरे पापा दूसरी शहर में किसी काम से जाते है तब वो मेरी माँ के कहने पर यहाँ पर आते है। में रात को सोती नहीं हूँ बस में सोने का नाटक करके उनकी बातें सुनती रहती हूँ और में उनकी हरकते देखती रहती हूँ।

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मैंने बहुत बार देखा है कि अंकल मेरी मम्मी की गांड में भी अपने लंड को जबरदस्ती पूरा अंदर डालकर उनको चोदते है और मेरी मम्मी को उनकी एक सहेली के पति ने भी एक बार चोदा है। दोस्तों अब मेरा तो दिमाग़ यह सभी बातें सुनकर पूरी तरह से सन्ना गया और मैंने सोच लिया था कि अब में संगीता को भी जरुर एक बार चोदकर उसकी चूत के मज़े लूँगा, लेकिन उससे पहले में सानिया की चूत का मज़ा ले लूँ और यह बात मन ही मन में सोचकर मैंने सानिया से कहा कि तुम तो बहुत सयानी हो गयी हो। अभी से तुम सब कुछ सीख गयी हो। अब तुम मुझे सच सच यह बात बताओ कि किसी ने तुम्हें चोदा? तब वो बोली कि नहीं उसने मुझे नहीं चोदा। फिर मैंने उससे कहा कि तुम जैसी सुंदर कच्ची कली का स्वाद लेने के लिए कोई भी कुछ भी कर सकता है, आज से तुम मेरी रंडी हो, जल्दी ही में संगीता को भी अपनी रंडी बना दूँगा। तब तुम्हें इस काम को मेरे साथ करने में बहुत आसानी होगी और मुझे आज पहली बार पता चला है कि तुम्हारी माँ बहन सब रंडी है, इसलिए में अब तुम तीनों को ही एक साथ चोदकर मज़े लूँगा, लेकिन में सबसे पहले तेरी चूत को चोद चोदकर उसका भोसड़ा बना दूंगा।

फिर वो बोली कि इतने गुस्से में क्यों हो भैया? आओ और मेरी चूत में लंड डालकर आज अभी इसी समय तुम मुझे चोदना शुरू करो, यह मेरी किस्मत है कि मेरी चूत की सील आपके मोटे और लंबे लंड से टूटेगी। तो मैंने उससे कहा कि हाँ मेरी कुतिया, आज में तेरी वो मस्त मज़ेदार चुदाई करूँगा कि तू इसको हमेशा याद रखेगी। फिर वो बोली हाँ आ जाओ ना मैंने कब आपको ना किया है में आज अपनी इस गरम गीली चूत की प्यास तेरे ही लंड से बुझाकर इसको शांत करूंगी। अब में उससे कहने लगा कि साली रंडी कुतिया तू बहुत ज्यादा बोलना सीख गई है, चल आज में तुझे चोदकर पूरी तरह से रंडी ही बना देता हूँ और यह बात उससे कहकर मैंने उस कोमल कच्ची कली को अपनी गोद में बैठा लिया और उसके बूब्स को मसलना शुरू कर दिया। मेरा तनकर खड़ा लंड उसकी गांड के बिल्कुल बीच में लगा हुआ था। फिर मैंने उसको एकदम सीधा लेटा दिया और अब में तुरंत उसके ऊपर आ गया। में उससे बोला कि साली रंडी आज में ऐसे ही अपना लंड तेरी चूत में डाल दूँ या उस पर तेल या क्रीम लगाकर डालूं? वो बोली कि जैसे भी आपका जी चाहे आप मुझे चोद लो, लेकिन जल्दी करो मेरी चूत में अब बहुत खुजली हो रही है।

फिर मैंने कहा कि हाँ मेरी जान, ले अभी तेरी चूत का में बाजा बजाता हूँ और उससे यह बात कहकर में उठकर जाकर क्रीम ले आया और मैंने उसकी कोरी मखमल जैसी कुंवारी चूत के अंदर भी क्रीम भर दी और अपने लंड पर भी बहुत सारी क्रीम लगा ली और फिर में उसके ऊपर लेट गया और उसके दोनों पतले पैरों को मैंने अपनी कमर पर लपेट लिया और फिर अपने लंड के टोपे को उसकी चूत के छेद में फंसा दिया और उसके बाद धीरे धीरे दबाव बनाता चला गया, लेकिन चूत का छेद इतना छोटा था कि मेरा लंड उसी समय फिसलकर उसकी गांड की तरफ चला गया। फिर मैंने अपने लंड को दोबारा चूत के मुहं पर लगा दिया और अचानक से एक ज़ोर से धक्का मार दिया उूउइईईईईईई आईईईइ में मर गई वो बड़ी ज़ोर से चीखने लगी। उसी समय मैंने उसका मुँह अपने मुँह से बंद कर दिया और फिर मैंने अपनी तरफ से उसको धक्का मार दिया। मेरे लंड का टोपा उसकी चूत के अंदर चला गया और वो उस दर्द से छटपटाने लगी।

फिर उसने अपने दोनों पैरों को उतार दिया और वो अब मुझे झटकने लगी और मुझे अपने से दूर करने लगी, लेकिन वो कमसिन अपनी तरफ से कितना भी ज़ोर लगाती, उससे कुछ भी नहीं होने वाला था क्योंकि मैंने उसको अपनी बाहों में बड़ी मजबूती से जकड़ रखा था और मैंने बिना उसके दर्द की परवाह किए घच से एक जोरदार धक्का मार दिया, उसके मुहं से आह्ह्ह्हह्ह उउम्म्म्म की आवाज़ अब अंदर ही दबकर रह गयी और मेरा लंड अंदर उसकी सील को तोड़ता हुआ पूरा अंदर जाकर घुस गया। वो अब उस दर्द से बहुत छटपटा रही थी और में वैसे ही दबाव बनाते हुए कुछ देर रुका हुआ था। फिर मैंने देखा कि अब उसकी आँखो से आँसू निकल रहे थे। अब मैंने अपना मुँह उसके मुँह से हटा दिया तो वो ज़ोर ज़ोर से आवाज करके रोने लगी थी। वो मुझसे कह रही थी आह्ह्हह् उफफ्फ्फ्फ़ में नहीं चुदवाना चाहती, प्लीज अब मुझे छोड़ दो आईई मुझे बहुत दर्द हो रहा है, में इसकी वजह से मर ही जाउंगी, प्लीज अब रहने दो इसको तुम बाहर निकालो। फिर मैंने उससे कहा कि साली रंडी अभी तो तू कुछ देर पहले मेरा लंड लेने के लिए ज़ोर ज़ोर चिल्ला रही थी कह रही थी, हाँ मुझे आप कैसे भी चोद दो, मेरी चूत को शांत कर दो और अब तू मेरे चोदना शुरू करते ही रो रही है। फिर वो रोते हुए कहने लगी आईईईई उफफ्फ्फ्फ़ नहीं मुझे नहीं पता था कि चुदाई में कभी इतना भी दर्द होगा आह्हह प्लीज मेरी चूत अब फट गयी, मुझे बहुत जल रहा है, छोड़ दो प्लीज़ वरना में मर ही जाउंगी।
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फिर मैंने उससे कहा कि अब मेरा लंड तेरी इस कुंवारी चूत में जब जा ही चुका है तो में अब तेरी चुदाई करके ही तुझे छोड़ूँगा। अब में धीरे धीरे धक्के लगाकर उस कच्ची काली की चूत में अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा था और मेरा मोटा लंबा लंड उसकी टाइट चूत में पिस्टन की तरह चल रहा था। वो दर्द से करहा रही थी कि तभी मैंने धक्के देना रोक दिया और अपने लंड को वैसे ही चूत में ही रहने दिया और अब में उसके छोटे, लेकिन उठे हुए बूब्स की नन्ही सी निप्पल को अपने मुहं में लेकर चूसने लगा था और कभी में उसके होंठो को पीने लगता तो कभी उसके चेहरे को चाटने भी लगता और कभी बूब्स को मसलता और निप्पल को खींचने लगता और इस तरह आधे घंटे तक में उसको ऐसे चूसता चाटता रहा और जब मुझे लगा कि अब उसको दर्द ज्यादा नहीं हो रहा है तब मैंने अपने लंड को एक बार फिर से उसकी तंग छोटी आकार की चूत में आगे पीछे करना शुरू कर दिया और करीब दस मिनट तक उसको धीरे धीरे धक्के देकर में वैसे ही चोदता रहा और तब उसने अपने दोनों पैरों को मेरी कमर में लपेट लिया।

फिर मैंने अपने धक्को की स्पीड को पहले से ज्यादा बढ़ा दिया था और करीब पांच मिनट में ही उसके मुँह से उन्हह्ह्ह आह्ह्ह की आवाज़ निकलनी शुरू हो गयी और तब मैंने उससे पूछा कि क्यों तुम्हे यह सब कैसा लग रहा है मेरी जान? तो बोली कि हाँ अब मुझे दर्द नहीं हो रहा है तुम अब थोड़ा तेज़ धक्के देकर चोदो और फिर मैंने अपनी स्पीड को पहले से भी ज्यादा बढ़ा दिया और में उसके होंठ भी चूसने लगा था। वो भी मेरा होंठो को चूसने में मेरा साथ देने लगी और उसके कुछ देर बाद अचानक से उसने अपना बदन कड़ा कर लिया आह्ह्ह्हह उूउह्ह्ह्हह उईईईईईईईई करने लगी और में समझ गया था कि उसकी चूत ने अपना रस छोड़ दिया है इसलिए मैंने भी अपने धक्को की रफ्तार को बहुत तेज़ कर दिया। फिर वो झड़ने के कुछ देर बाद एकदम से सुस्त हो गयी और उसके कुछ ही समय बाद मेरे लंड ने भी अपना पानी छोड़ दिया और मैंने वो सारा गरम गरम वीर्य उसकी चूत में बहुत गहराई तक भर दिया

और फिर में उस पर बिल्कुल निढाल होकर थम गया। फिर करीब दस मिनट तक वैसे ही उसके ऊपर पड़ा रहने के बाद में उठा और मैंने उसको भी उठाया और हम दोनों बाथरूम में चले गये, बाथरूम में जाकर हम दोनों ने लंड और चूत को साफ किया और में धीरे धीरे उस कच्ची कली के बदन को सहलाने लगा, जिसकी वजह से कुछ ही देर में मेरा लंड एक बार फिर से तनकर खड़ा हो गया। मैंने हंसते हुए उससे पूछ लिया क्या और भी चुदवाएगी? तो वो मुस्कुराते हुए बोली कि हाँ क्यों नहीं? अब तो तुम तुम्हारा जितना भी जी चाहे मुझे चोदो, में तो अब इस चुदाई के बाद तुम्हारी ही हो गयी हूँ और मुझे यह सब करने में बड़ा मज़ा आया। मेरी चूत को आग को तुम्हारे इस लंड ने बुझाकर इसको पूरी तरह से शांत संतुष्ट कर दिया है।

फिर मैंने उससे कहा कि मुझे लगता है कि तुम्हे इस चुदाई के बाद अब मेरे लंड का स्वाद लग गया है इसलिए तुम अभी तो थोड़ी देर पहले तक इतना ज़ोर से चिल्लाकर कह रही थी कि तुम्हे मुझसे दोबारा कभी चुदाई नहीं करवानी है, तुम्हे उस समय बहुत दर्द हो रहा था, तुम इस दर्द से मरी जा रही थी और अब तुम मेरा लंड लेने के लिए मेरी रंडी बन रही हो, में तुम्हे दोबारा से यह मज़े जरुर दूंगा, लेकिन इस वक़्त रात के दस बज रहे है और अब हमारा खाना खाने का भी समय हो गया है, इसलिए बाद में मज़े करेंगे इतना कहकर में उसके साथ कुछ देर नहाने के बाद बाथरूम से बाहर आ गया और उसके बाद हम दोनों ने अपने अपने कपड़े पहने और फिर कमरे से बाहर आ गए।

दोस्तों अब हम सभी लोग एक साथ में बैठकर खाना खा रहे थे, तभी में अपने सामने बैठी संगीता को देखकर मन ही मन में सोचने लगा कि आज अगर मुझे दोबारा कोई भी अच्छा मौका मिल गया तो में आज ही इसकी चुदाई कर दूँगा। इस साली के बूब्स दिनों दिन बहुत बड़े होते जा रहे है, में इसकी चूत और गांड में अपने लंड को डालकर इन दोनों को बड़ा जरुर करूँगा, लेकिन उस दिन मेरा लंड उस कच्ची कली को पाकर पूरी तरह से तृप्त हो गया था, इसलिए चुदाई करने का मेरा कोई इतना ज्यादा मन नहीं हुआ और में खाना खाने के बाद कुछ देर उन लोगो से हंसी मजाक करने के बाद अपने कमरे में आकर सो गया ।

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