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दो लंडो ने मिलकर गांड मार दी

दो लंडो ने मिलकर गांड मार दी। प्यारे दोस्तो यह स्टोरी तब की है जब में 18 साल का हो चुका था. हमारे घर में में तो सबसे छोटा ही हु न। इसलिए मुझे इधर उधर घूमने की छूट मिली हुई थी. एक बार में एक बस में सफर कर रहा था. उस बस में बहुत भीड़ थी. उस भीड़ में कुछ लड़कियाँ भी खड़ी हुई थी. मैंने अब तक किसी भी लड़की को गलत नजर से नहीं देखा था, मगर आज ना जाने क्यों मेरी नजर एक लड़की पर अटक गई थी? उसने लंबे गले का सूट डाल रखा था और उसमें से उसके बूब्स नजर आ रहे थे.

अब में उन्हें लगातार देखे जा रहा था. अब मेरा लंड धीरे-धीरे खड़ा होने लगा था. अब में उसके बूब्स देखने में इस कदर खो गया था कि मुझे अपने आस पास का भी ख्याल नहीं रहा था. अब एक आदमी मुझे बड़ी देर से देख रहा था. फिर वो मेरे पास आया और बोला कि और छोटू क्या देख रहा है? पिटने का इरादा है क्या? तो में डर गया और बोला कि नहीं कुछ नहीं बस वैसे ही नजर चली गई थी.

वो बोला कि अगर नजर गई ही थी तो हटी क्यों नहीं? में तुझे बहुत देर से देख रहा था, तू मुझसे झूठ बोल रहा है. अब मेरी तो हवा खराब हो गई थी तो तब मैंने उससे कहा कि सॉरी अंकल, अब नहीं देखूँगा, प्लीज इस बार छोड़ दो.

तब वो बोला कि नहीं में तो तुझे पिटूँगा और अभी तेरी करतूत इन लड़कियों को बताकर तुझ पर जूते पड़वाऊँगा. तो तब में उसके सामने विनती करने लगा तो तब वो थोड़ा नर्म पड़ गया और बोला कि चल ठीक है, में तुझे छोड़ देता हूँ, लेकिन तुझे मेरी एक शर्त माननी पड़ेगी.

फिर मैंने कहा कि मुझे तुम्हारी हर शर्त मंजूर है, लेकिन यहाँ किसी को मत बताना कि में यहाँ क्या कर रहा था? तो तब उसने कहा कि ठीक है, तू अगले स्टॉप पर मेरे साथ उतर जाना, फिर में तुझसे बात करूँगा कि तेरी इस गुस्ताख़ी की तुझे क्या सज़ा दूँ?

अब मुझे उस वक़्त कुछ भी नहीं सूझ रहा था तो तब मैंने उसे हाँ कर दी. फिर अगले स्टॉप पर में उसके साथ उतर गया. तब उसने कहा कि चल मेरे साथ मेरे कमरे पर वहाँ तुझसे कुछ बात करनी है. में उसके साथ उसके कमरे में पहुँच गया. उसके कमरे में ज्यादा सामान नहीं था मगर एक बेड जरूर था और कुछ बर्तन थे. फिर उसने मुझे बैठने के लिए कहा तो तब में बोला कि नहीं जो बात करनी है जल्दी करो, मुझे जाना है.

तब वो बोला कि इतनी भी जल्दी क्या है? चले जाना, अगर में तुम्हें बस में पिटवा देता तो अच्छा होता. तो तब में बैठ गया, वो सही कह रहा था, वो चाहता तो मुझे बस में पिटवा सकता था. फिर वो बोला कि तुम क्या करते हो? तो तब मैंने कहा कि कुछ नहीं करता. तो तब वो बोला कि उस लड़की को क्यों देख रहे थे? तो तब मैंने कहा कि बस वैसे ही मन कर रहा था उसे देखने का. तब उसने पूछा कि अच्छा बताओं तुमने कभी किसी लड़की को पटाया है?

इतना कहते-कहते वो मेरे पास आकर बैठ गया और मेरी जांघ पर अपना एक हाथ रख दिया था. तब मैंने कहा कि नहीं अभी तक किसी को नहीं पटाया और फिर मैंने उसका हाथ अपनी जांघ से हटा दिया. तो तब वो बोला कि चुपचाप बैठा रहे वरना इतना मारूँगा कि ज़िंदगीभर मेरी सूरत नहीं भूल पाएगा.

मैंने उसका हाथ क्या हटाया? वो तो एकदम गुस्सा हो गया था. तब मैंने कहा कि गुस्सा क्यों होते हो? तो तब वो बोला कि तुने मेरी शर्त मानने को कहा था, अब मेरी शर्त सुन कि में तुझसे क्या चाहता हूँ? और फिर वो बोला कि में तेरी गांड मारना चाहता हूँ, अपना लंड तेरे मुँह में देना चाहता हूँ.

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अब इतना सुनते ही मेरी हालत खराब हो गई थी. अब में वहाँ से भागना चाहता था. तो तब इतने में उसने मुझे पकड़ लिया और मेरे लंड को सहलाने लगा और बोला कि आराम से मान जा वरना मुझे ज़बरदस्ती करनी पड़ेगी, में तुझे छोड़ने वाला तो नही हूँ. तो तब मैंने अपनी पूरी जान लगाकर उसे धक्का दिया, तो वो पीछे जा गिरा. फिर में उठकर दरवाजे की तरफ भागा, मगर दरवाजा बंद था. तो उसने मुझे पीछे से आकर पकड़ लिया. अब उसका लंड मेरी गांड में चुभ रहा था. फिर उसने कहा कि अब तो तेरी फाड़कर ही दम लूँगा और इतना कहकर उसने मेरे सिर पर कुछ भारी चीज दे मारी, तो में बेहोश हो गया.

जब मुझे होश आया, तो उसने मुझे बांधा हुआ था. अब मेरे शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था, उसने मेरी दोनों टांगो को दूर-दूर बांधा हुआ था. अब उसके साथ एक आदमी और था और अब उन दोनों ने भी कपड़े नहीं पहने हुए थे, उनके लंड बहुत मोटे थे.

फिर वो बोला कि साले आराम से मान जाता तो तेरा क्या बिगड़ता? मगर अब हम दोनों तेरा बहुत कुछ बिगाड़ेंगे और इतना कहकर उसने मेरी गांड में अपनी एक उंगली घुसा दी और बोला कि यार थोड़ी मेहनत करनी पड़ेगी. तो तब दूसरे आदमी ने अपना लंड मेरे मुँह पर रख दिया.

तब मैंने अपना मुँह बंद कर लिया. तो तभी पीछे वाले ने अपना लंड मेरी गांड पर टिका दिया और बोला कि चुपचाप उसका लंड अपनी गांड में ले ले, नहीं तो तेरी वो हालत करेंगे कि तेरी गांड ज़िंदगीभर याद रखेगी, लेकिन मैंने फिर भी अपना मुँह नहीं खोला.

वो बोला कि लगता है ये ऐसे नहीं मानेगा, इसकी तो फाड़नी ही पड़ेगी और इतना कहकर उसने एक झटका मारा. अब उसके लंड का सुपाड़ा मेरी गांड में आकर रुक गया था. तो तब मेरे मुँह से एकदम से चीख निकली, आह मर गया, आआ. फिर जो आदमी मेरे आगे था, वो बोला कि अभी कहाँ मरा है? अब मरेगा और फिर उसने भी अपनी कमर हिला दी.

अब उसका मोटा लंड मेरे मुँह में फंस गया था. तब पीछे वाला बोला कि अब में तेरी गांड फाड़ने जा रहा हूँ और इतना कहकर उसने एक झटका और दे मारा. अब उसका आधा लंड मेरी गांड में घुस गया था. अब में चिल्ला भी नहीं सकता था, क्योंकि मेरे मुँह में भी एक लंड था और मेरी गांड में भी लंड था. अब आगे वाले ने धक्के लगाने शुरू कर दिए थे. अब मुझे काफ़ी परेशानी हो रही थी, तो तभी पीछे वाले ने एक झटका मारा तो उसका पूरा लंड मेरी गांड में चला गया था.

अब मेरी आँखों में से आसूं निकल पड़े थे, तुम सोच सकते हो जब आगे और पीछे से धक्के लगते है तो क्या हाल होता है? तो तब मुझे ऐसा लगा की मेरी गांड फट गई है. फिर थोड़ी देर के बाद आगे वाले ने अपना लंड बाहर निकाल लिया. तो तब मुझे थोड़ी राहत महसूस हुई, मगर पीछे वाले ने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी थी. अब मुझे दर्द तो नहीं हो रहा था, मगर थोड़ी बैचेनी हो रही थी. तभी आगे वाला बोला कि वाह तू तो पूरा का पूरा अंदर ले गया. तब मैंने कहा कि प्लीज अब मुझे जाने दो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है. तब वो बोला कि बेटे अभी तो शुरुआत है आगे-आगे देखना होता है क्या?

मेरी गांड में उसका लंड आराम से आ जा रहा था. अब मुझे थोड़ा-थोड़ा मज़ा आना शुरू हो गया था. अब मेरा मन कर रहा था कि वो ऐसे ही ज़ोर लगाकर करता रहे. अब मेरे मुँह से आहह, उउह, मार डाला, आअ, आहह, धीरे-धीरे झटके मारो, आहहहह मेरी गांड फट जाएगी, कुछ इस तरह के शब्द निकल रहे थे. अब मुझे पूरा मज़ा आने लगा था. अब उसने अपनी स्पीड बहुत बढ़ा दी थी और फिर थोड़ी देर के बाद में उसने मेरी गांड में अपना गर्म-गर्म रस छोड़ दिया. तब मुझे बहुत राहत मिली. अब मैंने अपनी आँखें बंद कर ली थी, तो तभी मुझे मेरी गांड में फिर से किसी का लंड घुसता हुआ महसूस हुआ.

तब मैंने देखा कि अब दूसरे आदमी ने मोर्चा संभाल लिया था और अब उसने अपने लंड को एक ही झटके में पूरा मेरी गांड में घुसा दिया था आआआआआहह, हाईईई, मर गया, आराम से.

अब मैंने दर्द के कारण अपने दाँत भींच लिए थे. ये तो उसका भी बाप निकला था, उसने ऐसे-ऐसे झटके मारे कि मेरा पूरा शरीर हिल गया था. अब मेरी गांड का छोटा सा छेद बहुत फैल गया था. अब उसके हर झटके से मुझे स्वर्ग जैसी अनुभूति हो रही थी, वाहह क्या झटके थे? मज़ा आ गया. अब मुझे मेरी गांड मरवाने का बिल्कुल भी दुख नहीं हुआ था, जो मज़ा मुझे गांड मरवाने में आया था उसे में आपको शब्दों में नहीं बता सकता दूँ.

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