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मौसा के साथ मौसी की चुदाई

Antarvasna story, दोस्तों ये कहानी है मौसा के साथ मिल गया। और मौसी को चोद दिया। हैल्लो मेरे मस्त भरे अंदाज वाले प्यारे दोस्तों। आप मस्ती वाले अंदाज के है क्योंकि आप यह है। आज में आप सभी सेक्सी कहानियों के मज़े लेने वालों के लिए अपने जीवन की बड़ी ही रोचक मज़े से भरपूर चुदाई की घटना लेकर आया हूँ, जिसमें मैंने अपनी मौसी की चूत को अपने कुंवारे लंड से चोदकर बड़े मस्त मज़े लिए. अब में ज्यादा समय खराब ना करते हुए अपनी कहानी को शुरू करता हूँ. दोस्तों मेरे मौसाजी मेरी मौसी को बहुत ज्यादा प्यार करते है और में ऐसे इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि वो कई बार दिन के समय ही अपने कमरे का दरवाज़ा बंद करके मेरी मौसी की चुदाई करने लगते है.

दोस्तों वैसे मैंने उसको चुदाई करते हुए कभी पहले देखा नहीं था और एक बार गर्मियों के दिनों की बात है, तब में और मेरी मौसी के सभी बच्चे उनके मकान के ऊपर वाले कमरे में सो रहे थे और मेरी मौसी मौसाजी उस समय नीचे वाले कमरे में सो रहे थे.

करीब दो तीन घंटे के बाद मुझे बाथरूम जाने की इच्छा हुई इसलिए में उठकर नीचे उनके कमरे के पास में उस बाथरूम में जाने लगा था और इसलिए में उठकर नीचे आ गया. तभी मुझे उनके कमरे से कुछ आवाज़ सुनाई देने लगी और में वो आवाज सुनकर झट से वहीं पर रुक गया. अब में उनके कमरे के अंदर झांकने का कोई जुगाड़ देखने लगा और मेरी अच्छी किस्मत से उनके कमरे की एक खिड़की थोड़ी सी खुली हुई थी, शायद गरमी की वजह से वो पहले से ही खिड़की को खोलकर अपना काम कर रहे थे.

मैंने अंदर झांककर देखा, उस समय मेरी मौसी बिल्कुल नंगी कुर्सी पर बैठी थी और अब मुझे उनके बूब्स और चूत एकदम साफ नजर आ रहे थे. दोस्तों उनके वाह क्या मस्त बूब्स थे, जिनको देखकर मेरी नियत खराब हो चुकी थी और में अपनी चकित नजरों से उनको घूरकर देख रहा था. अब मेरा लंड तो उस सेक्सी मज़ेदार द्रश्य को देखकर तुरंत ही खड़ा हो गया. मेरी नजर अपनी मौसी के गोरे गदराए बदन से हटने को तैयार ही नहीं थी और उधर अब मौसा जी अपने पज़ामे का नाड़ा खींच रहे थे, जिसके खींचते ही उनका तनकर खड़ा लंड अब मेरी आँखों के सामने उनकी अंडरवियर से बाहर दिखने लगा था.

उसी समय मौसी ने उनसे कहा कि अब आप और कितनी देर लगाओगे? और इस बात पर मौसाजी ने अपना अंडरवियर भी निकालकर तुरंत बेड पर रख दिया. अब उनका तनकर खड़ा लंबा लंड देखकर मुझे अपने लंड पर तरस आने लगा था. अब वो अपने लंड को एक हाथ में पकड़कर उसको आगे पीछे करते हुए मौसी की तरफ बढ़े और वहीं पास वाले स्टूल पर मौसाजी के बाल साफ करने का सामान रखा हुआ था.

उसी समय मौसाजी ने उसमे से दाड़ी बनाने की क्रीम निकालकर मौसी के दोनों पैरों को कुर्सी पर पूरा फैलाकर उनकी चूत पर क्रीम को लगा दिया और फिर अपने ब्रश को पानी में डालकर वो उनकी चूत पर फेरने लगे.

अब उनकी चूत कुछ देर में भी बहुत सारे झाग से ढक गयी और वो द्रश्य देखकर मेरा लंड बार बार अंडरवियर में झटके मार रहा था और अब वो द्रश्य देखकर तो मेरा मन हो रहा था कि में अभी उसी समय कमरे के अंदर चला जाऊँ और अपने मौसाजी को वहां से हटाकर में खुद अपनी मौसी की चूत से खेलना शुरू कर दूँ.

मौसाजी ने रेज़र निकालकर उनकी चूत के बालों को साफ करना शुरू कर दिया और इस बीच मौसी अपने बूब्स को लगातार दबाए जा रही थी, उनके मुहं से जोश में आने की वजह से उफफफफफ्फ़ आह्ह्ह्ह की आवाज निकल रही थी. अब में तो वो सब देखकर बहुत गरम हो रहा था और चूत के बाल साफ करने के बाद मौसाजी ने मौसी की चूत को अच्छी तरह टावल से साफ किया. अब वो आराम से नीचे ज़मीन पर बैठकर उनके दोनों पैरों जांघो पर चूमना शुरू किया और उनकी जीभ लगातार उनके पैरों पर घूम रही थी और फिर उन्होंने उनकी जांघ को चूमना सहलाना शुरू किया और फिर मौसी की चूत पर एक बार चूम लिया.

अब उन्होंने अपने एक हाथ से चूत को पूरा खोलकर अपनी जीभ को मौसी की चूत के दाने पर घुमाना शुरू कर दिया और इधर मेरा यह सब खेल देखकर जोश की वजह से बड़ा बुरा हाल होने लगा था, इसलिए में वो सब देखकर खड़े खड़े अपने लंड को हाथ में पकड़कर हिलाने लगा था.

तभी गलती से मेरे हाथ से खिड़की का दरवाजा पूरा खुल गया और उसी समय मौसाजी की नज़र मेरे ऊपर पढ़ गयी. अब मेरा तो शरम और घबराहट की वजह से बड़ा बुरा हाल हो गया था और में वहाँ से तुरंत वापस ऊपर जाने लगा.

मौसाजी ने मुझे आवाज़ देकर रुकने के लिए कहा और मुझे मौसाजी ने अपने कमरे में बुला लिया. अब में उनके कहने पर अंदर चला गया. उस समय वो दोनों पूरे नंगे ही थे और उन्हे मेरे उनके सामने आने के बाद भी ज़रा भी शरम नहीं आ रही थी. अब जब कि मेरा शरम की वजह से मेरा लंड सिकुड़कर छोटा हो गया था और तभी मौसाजी मुस्कुराते हुए बोले बेटा इतना शरमाओ मत मुझे अच्छे से पता है कि इस उमर में यह सब सभी के साथ होता है, किसी को ऐसे ही चुपकर देखना बहुत अच्छा लगता है, क्या तुमने कभी यह सब किया है?

मैंने कहा कि नहीं मैंने ऐसा कुछ पहले कभी नहीं किया. अब वो मुझसे पूछने लगे क्या तुम्हे यह काम करना है? में उनकी बात का मतलब कुछ भी नहीं समझा. फिर उन्होंने मुझसे कहा कि तुम्हारी मौसी और में खुद ही बहुत दिनों से कोई तीसरा आदमी हमारे साथ सेक्स करने के लिए ढूंड रहे थे. अब तुमसे अच्छा और कौन होगा किसी को बाहर पता भी नहीं चलेगा, बोलो क्या तुम्हे हमारे साथ यह सब करना है?

उसी समय मैंने शरमाते हुए उनको कहा कि हाँ और फिर उन्होंने मौसी से कहा कि देखो इसका लंड कैसे छोटा हो गया है? तुम इसको थोड़ा बड़ा तो करो.

इतना सुनकर मौसी मेरे पास आ गई और उनकी चूत एकदम साफ होकर अब चिकनी और चमक रही थी, उन्होंने आगे आकर अब मेरा लंड अपने हाथ में ले लिए और वो उसको आगे पीछे करने लगी. अब उनके यह सब करने की वजह से मेरी साँसे तेज़ होने लगी थी. में अपने लंड पर अपनी मौसी के नरम हाथों का स्पर्श पाकर मज़े लेकर दूसरी दुनिया में जा चुका था और उनका एक हाथ मेरी छाती पर घूमने लगा था.

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मैंने भी अपने दोनों हाथों को आगे बढ़ाकर उनको अपने बदन से चिपका लिया, जिसकी वजह से अब उनके गोलमटोल बूब्स मेरी छाती से दब रहे थे और मेरा खड़ा लंड भी उनकी गोरी चिकनी चूत पर छू रहा था. फिर मौसाजी भी मेरे पीछे से आकर हम दोनों से चिपक गये, जिसकी वजह से उनका लंबा मोटा गरम गरम लंड मेरे कूल्हों पर छू रहा था, मुझे अब लग रहा था कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो में अभी झड़ जाऊंगा.

मैंने उन दोनों के बीच से निकलने की कोशिश करना शुरू किया और मौसा जी से कहा कि पहले आप मौसी की चूत मारकर दिखाए और उसके बाद में भी आपकी तरह यह सब करना सीख जाऊँगा और फिर में भी आपके सामने मौसी की चुदाई करके मज़े लूँगा.

अब उन्होंने मुझसे कहा कि में तुम्हे ऐसे ही सिखा दूँगा और फिर उन्होंने मौसी को बेड पर लेटने के लिए कहा और फिर वो मुझे मौसी की चूत को चूसने के लिए कहने लगे. अब मैंने उनके कहते ही उस काम को करना शुरू किया, लेकिन मुझे शुरू में वो सब करना थोड़ा सा अजीब लगा, लेकिन जब मैंने अपनी जीभ को उनकी चूत के अंदर डाला तब मुझे बहुत मज़ा आने लगा था और वो सिसकियाँ भरने लगी थी आहह ऊऊह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह हाँ बेटे और ज़ोर से चूसो ऊस्स्सस्स आहह वाह मज़ा आ गया.

दोस्तों उस समय उनके दोनों पैरों को मौसाजी ने पकड़ रखा था और उनका लंड मौसीजी के माथे पर छू रहा था और मेरा तो जोश की वजह से बड़ा बुरा हाल था. अब मैंने अपने एक हाथ से मौसी के बूब्स को दबाना शुरू कर दिया और अब पूरे कमरे में मौसी की सिसकियों की आवाज़ गूंजने लगी थी आआहह ऊफ्फ्फ डाल दे अब तू इनका दूध निकाल दे आईईई आह्ह्ह्हह. दोस्तों मेरा लंड अब और ज्यादा देर नहीं रुक सकता था, इसलिए में अब मौसी की चूत में अपने लंड को डालने लगा था. अब मौसाजी मुझे यह सब करता हुआ देख खुश होकर मुझसे बोले वाह शाबास बेटा तू तो बड़ा ही होशियार बहुत समझदार निकला, एक ही बार में बिना कुछ ज्यादा बताए सब कुछ सीख गया और अब तू चोद डाल अपनी मौसी को इसकी तू जमकर चुदाई कर में तुझे और भी ज्यादा मज़ा देता हूँ.

दोस्तों मैंने उनकी वो जोश भरी बातें सुनकर एक ही जोरदार धक्का देकर अपना लंड अपनी मौसी की प्यासी जोश से भरी चूत के अंदर उतार दिया. अब में इधर मौसी के धक्के देकर चुदाई करने में व्यस्त था और उधर मौसाजी मेरे पीछे आकर खड़े हो गये और वो अपना लंड मेरी गांड पर घूमाने लगे, जिसकी वजह से मेरी बैचेनी और भी ज्यादा बढ़ने लगी थी. अब मैंने उनसे पूछा क्यों कहीं आपका मेरी गांड मारने का इरादा तो नहीं है? तभी वो हंसकर बोले कि नहीं बेटा में तो सिर्फ़ तुझे बैचेन करूँगा जिसकी वजह से तेरा लंड बड़ी देर तक सख्त होकर खड़ा ही रहे और तू अपनी मौसी की जमकर चुदाई कर सके.

में यह बातें सुनते हुए अपनी मौसी की चूत में लगातार धक्के मार रहा था और अब मौसी ने भी जोश में आकर नीचे से अपने कूल्हों को उछालना शुरू कर दिया और उनके बूब्स मेरे हर एक धक्के की साथ हिल रहे थे, जो मुझे बहुत मज़ा दे रहे थे ऊफ् वाह क्या द्रश्य था. दोस्तों में अब बहुत जोश में आकर अपनी मौसी की गीली चूत में अपने लंड को बड़ी तेजी से अंदर बाहर करने लगा था और मेरे हर एक धक्के से पूरा लंड मौसी की बच्चे दानी को छूकर वापस बाहर आकर बड़ी तेज गति से अंदर जाकर मौसी के पूरे शरीर को हिलाकर उसके बंद को गरमी दे रहा था. फिर कुछ देर चले इस कार्यक्रम के बाद अब मुझे लगने लगा था कि में अब झड़ने वाला हूँ.

अब मैंने उनसे कहा कि मौसाजी में अब झड़ने वाला हूँ और में अपने इस वीर्य को कहाँ निकालूं? तुरंत वो बोले कि तू जल्दी से अपने लंड को चूत से बाहर निकालकर अपनी मौसी के मुहं पर अपने वीर्य को निकालकर झड़ जा तेरी मौसी को ऐसे बड़ा मस्त मज़ा आएगा.

मैंने तुरंत ही अपना लंड उनकी चूत से बाहर निकालकर अपने एक हाथ में पकड़कर धीरे धीरे हिलाते हुए अपनी मौसी के मुहं पर पूरा वीर्य निकाल दिया. मेरे मुहं से झड़ते समय आआआहह ऊऊऊऊहह आवाजे निकल गई. अब मैंने देखा कि मेरी मौसी मेरे वीर्य को अपने मुहं पर लेकर बहुत खुश नजर आ रही थी और वो अपनी जीभ से वीर्य को चाटने गटकने लगी थी, लेकिन अभी तक वो एक बार भी नहीं झड़ी थी और इसलिए उसी समय मौसाजी ने अपना लंड मौसी की चूत में डालकर तेज गति से धक्के लगाने शुरू कर दिए, जिसकी वजह से पूरे कमरे में अब छपचप फच फच की आवाज आ रही थी और मौसाजी का लंड उनकी चूत में पूरा अंदर जाकर मौसी को चिल्लाने पर मजबूर कर रहा था और वो हल्की आवाज में सिसकियाँ ले रही थी.

मेरा लंड यह मस्त मजेदार चुदाई का द्रश्य देखकर एक बार फिर से खड़ा होने लगा था और में अब अपने मौसाजी के पीछे आकर उनकी गांड पर अपना लंड घुमाने लगा था, जिसकी वजह से मेरा लंड बड़ी जल्दी सख़्त होकर खड़ा होने लगा था.

अब मौसाजी लगातार अपने लंड को मौसी की चूत में धक्के मार रहे थे और तभी मौसी ने ही अपनी गांड को उठाकर एक तेज धक्का दे मारा इससे मेरा लंड मौसाजी की गांड में जाकर घुस गया.

वो उसी समय मुझसे बोले अब तुम इसको बाहर मत निकालना नहीं तो मुझे बहुत दर्द होगा बेटा, तुम लगातार मुझे धक्के मारते रहो और मेरे साथ तुम्हे भी इस काम को करने में बड़ा मस्त मज़ा अभी कुछ देर में आने वाला है, हाँ ऐसे ही लगे रहो. अब मैंने बड़ी तेज स्पीड से उसको धक्के मारने शुरू कर दिए और अब मेरे मौसाजी के मुहं से वो आवाजे आने लगी वाह बेटा तुम्हे तो एक ही बार में बहुत कुछ आ गया, आज तुमने हम दोनों को पूरी तरह से खुश कर दिया है.

में उनकी बातें सुनकर खुश होकर जोश में आकर तेज तेज धक्के देने लगा था और थोड़ी देर बाद में उनकी गांड में ही झड़ गया और इस बार हम तीनों एक साथ झड़ गए और हम सभी को पूरा मज़ा आया और हम वहीं बेड पर ही नंगे लेटे रहे. अब मौसा जी ने मुझसे बोला कि तुम यह बात किसी और को मत बताना, लेकिन मेरा मन तो कुछ और ही था. दोस्तों में तो अब उनकी बड़ी लड़की सविता को भी चोदना चाह रहा था और फिर मैंने हिम्मत करके उनसे कहा कि मुझे उनकी लड़की की चुदाई करनी है.

दोस्तों वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर एकदम चकित हो गये और उनके चेहरे का रंग एकदम फीका पड़ गया, क्योंकि उन दोनों को बिल्कुल भी विश्वास नहीं था कि में कभी ऐसा भी सोच सकता हूँ. अब मुझसे मेरी मौसी बड़े ही प्यार से समझाते हुए कहने लगी बेटा ऐसा कैसे हो सकता है, शायद तुम भूल रहे हो वो तुम्हारी बहन है और उसके साथ तुम यह सब कैसे कर सकते हो? अब मैंने उनको कहा कि तुम भी तो मेरी मौसी हो और जब में तुम्हे चोद सकता हूँ और अपने मौसाजी की गांड भी मार सकता हूँ तो फिर में उसकी चुदाई क्यों नहीं कर सकता, उस काम में क्या बुराई है जो आप मुझे ऐसा करने से मना कर रहे हो? अब वो दोनों थोड़े से सोच में पड़ गयी उसको कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि वो मुझे क्या जवाब दे? और इस संकट से कैसे बाहर निकले? लेकिन अब हो भी क्या सकता था?

उन्होंने मुझसे कहा कि हाँ ठीक है हम कोई अच्छा सा मौका देखकर सविता की चूत तुम्हे दिलवा देंगे, लेकिन तुम्हे हो सकता है कि उसके लिए थोड़ा सा इंतजार भी करना पड़े और तुम्हे अपना मुहं भी हमेशा के लिए एकदम बंद रखना पड़ेगा.

में उनके मुहं से वो बात सुनकर बोल पड़ा हाँ ठीक है में हमेशा चुप रहने को तैयार हूँ, आप मेरा जुगाड़ जल्दी करना और आप दोनों बहुत अच्छे है, मुझे आपके साथ यह सब करके अपने जीवन का सबसे अलग हटकर सुख मिला है जिसको में किसी को बता भी नहीं सकता, आप दोनों को मेरी तरफ से बहुत बहुत धन्यवाद. दोस्तों यह था मेरा वो पहला सेक्स अनुभव अपनी हॉट सेक्सी मौसी और मौसाजी के साथ और उसके आगे भी हम तीनों ने बड़े मज़े किए.

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