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सेल्समेन ने भाभी को चूत चोद दी

हॉट सेल्समेन ने भाभी की चूत चोद दी। कैसे होबाप सब मेरे प्यारे दोस्तों, मेरा नाम है देवदास और एक रोज मैं हरदम की तरह मस्त और सेक्सी कहानियाँ पढ़ रहा था. मेरा नेट कुछ धीमा चल रहा था तो तब में अपना ई-मैल भी चैक करने लगा. उसमें एक 35 साल की भाभी का एक मैल था, जिसने लिखा था हाए मेरा नाम आशा है, मैंने अपनी चूत की आग को बुझाने के लिए एक बैंगन का सहारा लिया, मेरी आग तो बुझ गयी, लेकिन आपसे चुदाने की चाहत को भुला नहीं पाई, मेरे पति दुबई में काम करते है इसलिए वो साल में एक बार ही मेरे पास आते है और इसलिए मेरी चूत प्यासी रह जाती है, मेरी पहचान का यहाँ कोई है भी नहीं जिससे में अपनी चूत की भूख मिटा सकूँ.

फिर जब मैंने पढ़ा कि आप भी इसी शहर जमशेदपुर के रहने वाले है तो तब में खुद को रोक नहीं पाई और आपको ये मैल कर बैठी, तो प्लीज अगर आपके पास समय है तो मेरे घर जरूर आइए, मुझे और मेरी चूत को आपका इंतज़ार रहेगा, में इस बात का वादा करती हूँ कि आप मेरी चूत चोदकर और मेरी चूचीयों को मसलकर काफ़ी मज़ा पाएगें, मुझसे जरूर संपर्क करें और ये मेरा पता है. फिर मैंने ये मैल पढ़कर आशा के बारे में जानकारी लेने की सोची.

में उसके घर के अगल बगल कुछ दिनों तक घूमा और देखा कि उसके घर पर कोई आता जाता तो नहीं है. आशा की एक बेटी है, जो पास के एक बड़े स्कूल में पढ़ती है. उसकी बेटी सुबह 9 बजे स्कूल चली जाती है और दिन के 3 बजे घर आती है, तो दिनभर आशा घर पर अकेली रहती है. मैंने कई बार देखा कि वो घर पर हमेशा पारदर्शी साड़ी पहनती है, जिसमें वो काफी सुंदर और सेक्सी लगती है. वो हमेशा अपनी साड़ी को अपनी नाभि के नीचे पहनती है, जिससे उसका पेट और नाभि किसी भी आदमी को पागल बनाने के लिए काफी है.

उसकी चूचीयाँ ऊफफफफ क्या लगती है? जैसे पर्वत भी शर्म से पानी माँग ले, इस तरह बड़ी और ऊँची उठी हुई चूचीयाँ बहुत ही कम देखने को मिलती है. वो हमेशा घर पर सृंगार किए हुए ही रहती है, कहने को ये कि आशा काफी खूबसूरत और सेक्सी औरत है. खैर फिर मैंने जब सारी जानकारी हासिल कर ली तो तब भी में पहले तो जाने से डर रहा था, लेकिन फिर मुझे एक तरीका सूझा और में एक सेल्समैन बनकर उसके घर गया और फिर मैंने दरवाजे पर जाकर बेल बजाई.

थोड़ी देर के बाद दरवाजा खुला और में बस देखता ही रह गया. आशा कयामत लग रही थी, उसने एक लाल कलर की पारदर्शी साड़ी पहनी थी और क्या कहूँ? अब उसे देखकर ही मेरा लंड अकड़कर पेंट से बाहर आने को मचलने लगा था. फिर उसकी जादू सी भरी आवाज मेरे कानों में टकराई.

आशा : हैल्लो मिस्टर.

में : जी-जी, वो मेडम मेरा नाम राज है और में दुर्गा इंटरनेशनल मार्केटिंग ग्रुप से आया हूँ, मेडम में हमारी कंपनी की एक खास योजना के बारे में आपसे चर्चा करना चाहता हूँ, अगर आप फ्री हो तो.

आशा : जी नहीं, मेरे पति घर पर नहीं है और में अभी कोई चर्चा करने के मूड में नहीं हूँ.

में : प्लीज मेम, बस 10 मिनट लूँगा और मुझे विश्वास है कि आपको मेरा प्लान जरूर पसंद आएगा.

आशा : ओके, अंदर आओ.

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में तुरंत अंदर चला गया. फिर आशा ने दरवाजा बंद कर दिया. तब मैंने देखा कि उनके घर पर और कोई नहीं है. अब में पूरी तरह से संतुस्ट हो चुका था कि अब डरने की कोई बात नहीं है. फिर मैंने उनसे कहा कि मेम क्या मुझे एक गिलास पानी मिलेगा? और फिर वो पानी लेने के लिए अंदर चली गयी. फिर मैंने अपना लेपटॉप निकाला और उसे ऑन किया तो तब तक आशा पानी लेकर आई. फिर मैंने पानी का गिलास लेते हुए उसके हाथ को टच किया तो मुझे काफ़ी अच्छा लगा. अब वो मेरे बगल में सोफे पर बैठ गयी थी, उसके शरीर को छूना मुझे रोमांचित कर रहा था और मेरा लंड खड़ा होकर तड़प रहा था.

आशा बोली कि अब अपना प्लान दिखाओ. अब मैंने अपने लेपटॉप में एक ब्लू फिल्म सेट कर रखी थी और फिर मैंने वही स्टार्ट कर दी. मूवी स्टार्ट होते ही उसमे दिखाया कि एक तगड़ा सा आदमी एक औरत को चोद रहा है. तब आशा पहले तो शरमाई और फिर गुस्से से खड़ी हो गयी और मुझ पर बरस पड़ी. फिर में भी खड़ा हो गया और मुस्कुराते हुए उसके पास जाकर उसे अपनी बाँहों में जकड़ लिया और उसके पेट और चूचीयों को सहलाने लगा. अब वो छूटने की कोशिश करने लगी थी, मगर मेरी पकड़ मजबूत थी. अब में लगातार उसके बूब्स को मसल रहा था. फिर उसने चिल्लाने की कोशिश की तो तब में अपने होंठ उसके होंठो पर रखकर उनके होंठो के रस को पीने लगा.

अब में अपने दोनों हाथों से उसकी चूचीयों को मसल रहा था. उसकी चूचीयाँ अब पहले से भी ज़्यादा खड़ी हो गयी थी. फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी साड़ी के ऊपर से ही उसकी चूत पर रखकर दबा दिया तो वो कांप उठी. अब धीरे-धीरे उसका विरोध खत्म हो रहा था. फिर मैंने उसे पीछे से पकड़ा और उसके ब्लाउज का हुक खोल दिया, उसने नीचे कुछ भी नहीं पहना था. अब उसकी चूचीयाँ आज़ाद हो गयी थी. अब में उसकी चूचीयों को और भी ज़ोर-जोर से मसलने लगा था.

अब आशा के मुँह से प्यार भरी सिसकियाँ निकल रही थी. फिर मैंने उसके ब्लाउज को उतार दिया और एक-एक करके उसकी साड़ी और पेटीकोट को भी उसके बदन से निकाल दिया था. अब में उसके बदन को देखकर पागल हो गया था, उसका पूरा बदन दूध की तरह सफेद था. फिर मैंने उसे पूरी तरह से अपनी बाँहों में ले लिया और उसे चूमने लगा था.

फिर मेरी नजर जब उसकी चूत पर पड़ी तो में तो अपना होश खो बैठा, वाह क्या चूत थी? अब इतनी देर तक उसके बूब्स मसलने के कारण उसकी चूत फूलकर पाँवरोटी हो गयी थी, उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था. अब उसकी बिल्कुल चिकनी, गुलाबी चूत को देखकर में तुरंत अपने एक हाथ से उसकी मस्त चूत को दबाने लगा था. अब आशा के मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थी. फिर मैंने उसे अपनी गोद में उठा लिया और उसके बेडरूम में ले जाकर बेड पर डाल दिया. अब में बिल्कुल उसके ऊपर था और तो तब मैंने कहा कि आशा डार्लिंग, अब तुम्हें चोदने से पहले में बता दूँ कि में देव हूँ, जिसे तुमने चुदवाने के लिए मैल किया था. तब आशा यह सुनकर मुझसे लिपट गयी और कहने लगी कि मेरे देव, में कब से तुम्हारा इंतज़ार कर रही थी? प्लीज आज मेरी इस चूत की प्यास बुझा दो, आज मेरी चूत को इतना जमकर चोदो कि मुझे फिर कभी बैंगन की जरूरत ना पड़े.

अब में अपने कपड़े खोलकर नंगा हो गया था और मेरा लंड बाहर निकल गया था. अब मेरा लंड पहले से तनकर बम्बू बन चुका था. फिर आशा ने कहा कि प्लीज अब देर मत करो, मेरी चूत तुम्हारे लंड को बुला रही है. तब मैंने अपना लंड आशा की चूत पर रखा और एक जोरदार झटका लगाया तो तब उसकी चीख निकल गयी और मैंने तुरंत अपने होंठ उसके होंठो पर रख दिए और उसकी चूचीयों को मसलने लगा था.

अब वो पूरे मज़े लेकर मुझसे चुदा रही थी और मुझे तो ऐसा लग रहा था कि जैसे में किसी अप्सरा को चोद रहा हूँ. फिर मैंने लगभग 1 घंटे तक उसको चोदा. अब इस दौरान वो 3 बार झड़ चुकी थी. अब मेरा भी समय आ गया था और अब में भी झड़ने वाला था तो तब मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी.

फिर 15 मिनट तक धक्के मारने के बाद में भी उसकी चूत में ही झड़ गया था. आज आशा काफ़ी खुश थी. फिर हम दोनों उठे और बाथरूम में घुसकर साथ में नहाये और इस नहाने के दौरान भी मैंने उसे खूब चोदा और उसे पूरी तरह से संतुष्ट किया.

फिर मैंने उसे अपना मोबाईल नम्बर दिया और मैंने उसका मोबइल नम्बर लिया और फिर में चला आया और फिर उसके बाद से आज तक उसे चोदने का सिलसिला चालू है. अब में उसे फोन करके आने का टाईम दे देता हूँ और वो चुदाने के लिए तैयार होकर रहती है. में जानता हूँ कि मेरी इस कहानी को पढ़कर कुछ भाभियाँ और चाचीयाँ अपनी चूत में मूली या बैंगन डाल रही होगी और कुछ मेरे दोस्त तो कहानी पढ़कर ही अपना लंड झाड़ चुके होंगे.

में इतना यकीन के साथ इसलिए ये बात कह रहा हूँ, क्योंकि ये कहानी बताते हुए ही मेरे लंड से पानी की बूंदे निकलनी शुरू हो गयी है. अच्छा दोस्तों अब मुठ मारना बंद करो और अगर घर में बीवी या भाभी है तो उसे चोदना चालू करो.

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