Bur ki chudai story – पड़ोसवाली भाभी

मैं राहुल अपनी लाइफ का एक और मस्त किस्सा आप सब के लिए ले कर आया हूँ. मुझे उम्मीद है, कुछ प्यासी लड़किया और भाभीया मुझे आच्छे से जानती होगी. पर मैं आपको ज़रा पहले अपने बारे मे बताना चाहता हूँ. मेरा नाम राहुल है, मैं एक कॉल बॉय हूँ. मे दिल्ली में करने के लिए आया था. bur ki chudai story

पर मुझे जॉब से काफ़ी ज़्यादा सेक्स करने के लिए पैसे मिल जाते है. इसलिए मैने अपनी जॉब छोड़ दी और एक कॉल बॉय बन गया. मैने कम से कम 100 से ज़्यादा लड़कियो और भाभी, आंटीयो की चूत की प्यास बुझाई है.

मुझे चूत को शांत करने का बहोत तजुर्बा हो गया है. आज की जो मैं आपको कहानी बताने जा रहा हूँ. वो कहानी एक बहोत ही मस्त कहानी है, मुझे उम्मीद है मेरी ये कहानी पढ़ कर. antervasna

आज काफ़ी लड़किया और भाभी अपनी चूत मे उंगली डाल कर अपनी चूत का पानी निकाल लेंगी. मुझे उम्मीद है आप भी लंड के मालिक अपना लंड हिला कर अपने लंड का पानी निकाल लेगें. तो अब मैं अपनी कहानी शुरू करता हूँ. bur ki chudai story

दरअसल ये बात आज से करीब 1 महीने पहले की है. मैं जहाँ रहता था, वाहा मेरे सामने एक नयी शादी करके एक कपल रहने के लिए आया था. मैं उसे भाभी कहता था.

भाभी पंजाब की थी, और आप सब को पता ही होगा. की पंजाब की लड़किया कितनी हॉट और सेक्सी होती है. भाभी भी बिल्कुल सेम ऐसी ही थी, उनकी हाइट 5 फुट थी और उनके फिगर के तो क्या कहने.

उनके फिगर को देखते ही लड़के अपना लंड मसलने लग जाते थे, उनका फिगर 34-26-38 था. अब आप समझ ही गये होंगे की क्यो लड़के अपना लंड उनको देख कर मसलते होंगे. hotsex

उपर से उनका गोरा रंग, बड़ी बड़ी आँखें जिसमे कोई भी आसानी से खो सकता था. उनकी मुस्कान के आगे कोई भी आसानी से हार जाता था. मैं भी उनमे से एक था, मैं भाभी का बहोत बड़ा दीवाना था.

माना मैने बहोत सी चूत मारी हो. पर मैने आज तक एक मस्त पंजाबन को न्ही चोदा था. इसलिए मैं भाभी को छोड़ने की इच्छा रखता था. मैं उनको सोच कर बहोत बार मूठ भी मार लेता था.

ये कहानी आप अन्तर्वासना सेक्स कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे हैं. वैसे तो भाभी के साथ मेरी काफ़ी अच्छी बोल चाल थी. वो मुझे अपना देवर मानती थी. मैं काफ़ी बार उनकी हेल्प करता था, भाभी शायद मुझे लाइक करती थी. पर ना जाने वो मुझे कुछ कहने से डरती थी. bur ki chudai story

एक शाम की बात है, मैं अपनी छत पर अपनी एक कस्टमर से फोन पर बात कर रहा था. उसका नाम ऋतु था, उसको मैं पहले भी काफ़ी बार चोद चुका हूँ. पर वो मेरी दीवानी थी, उसे मेरे साथ चुदाई मे बहोत मज़ा आता था.

ऋतु – देखो राज आज मेरे पति घर पर न्ही है. इसलिए मैं आज पूरी रात तुम्हारे साथ सोना चाहती हूँ.

मैं – ठीक है, अगर तुम कहो तो मैं साथ मे अपना एक दोस्त ले आता हूँ.

ऋतु – क्यो ? desi khani

मैं – क्यो क्या, आपको इसमे बहोत मज़ा आएगा. और मैं आपसे इसके कोई एक्सट्रा पैसे भी न्ही लूँगा.

ऋतु – शट अप, तुम्हे जितना कहा है बस उतना ही करो.

मैं – ठीक है सॉरी. bur ki chudai story

ऋतु – कोई बात न्ही, पर याद रखो मैं कोई रंडी न्ही हूँ. जो हर किसी के नीचे आ जाउ. तुम मुझे पसंद हो इसलिए मैं तुमसे चुदति हूँ.

मैं – ओके जी, पर मैं बता दू की अब मेरे चार्ज थोड़े बढ़ गये है.

ऋतु – कोई बात न्ही मेरे राजा तू आ तो जा एक बार.

तभी पीछे से मेरे कानो मे एक आवाज़ आई – देवर जी मुझसे कितना चार्ज लोगे आप अपनी सेवा देने के लिए ?

मैं समझ गया था, की मेरे पीछे भाभी खड़ी है. एक बार तो मेरी गांड फट गई थी. पर मैने थोड़ी देर सोचा की जिसकी चूत मारने के सपने मैं हर रोज देखता था, आज वो मुझे बहोत आसानी से मिल गई थी.

मैं – भाभी आप भी क्या बात कर रही हो, अब अपनो से क्या चार्ज लेना. अपनो के लिए तो ये राहुल एक दम फ्री सेवा देता है. chut lund ki story

भाभी – ये बहोत अच्छी बात है, अब मेरी बात ध्यान से सुन. आज तेरे भाई काम से बाहर जा रहे है. वो कल शाम तक आएगें मैं चाहती हूँ की तू आज रात मुझे अपनी सेवा दे.

मैं – कोई बात न्ही भाभी आज रात को मैं आपके लिए बुक हूँ. comic sex

मैने तभी ऋतु को फोन किया और कहा की मुझे आज रात को बहुत ज़रूरी काम आन पड़ा है. क्या मैं अभी आ कर अपनी सर्विस दे सकता हूँ. ऋतु की चूत पहले से ही लंड के लिए तड़प रही थी, उसने मुझे झट से हा कह दिया.

ये कहानी आप अन्तर्वासना सेक्स कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे हैं. तभी मैं अपने घर से निकल गया, और ऋतु के घर पहुच गया. वाहा जा कर मैने जाते ही उसको चोदना शुरू कर दिया. मैने उसकी गांड और चूत को जम कर चोदा.

ऋतु पहले से ही बहोत गरम थी, इसलिए उसकी चूत का पानी काफ़ी जल्दी जल्दी दो बार निकल गया. फिर मैं शाम तक उससे अपनी फीस ले कर उसके घर से निकल गया. वाहा से निकलते ही मैने भाभी को फोन किया.

मैं – हा जी भाभी आ जाउ ? bur ki chudai story

भाभी – तुम कॉल बॉय हो और कॉल बॉय ही रहोगे.

मैं – क्यो मैने अब ऐसा क्या कह दिया आपको.

भाभी – क्योकि तुम मुझे कॉल करके आ रहे हो. जब मैने तुम्हे बताया था की मैं घर पर अकेली हूँ दोपहर के बाद.

मैं – सॉरी मैं आता हूँ थोड़ी देर मे. bur ki chudai story

फिर मैं घर आ गया, अब तक रात हो गई थी. मैं अपने घर की छत पर गया और अपनी छत से भाभी की छत पर चला गया. वाहा पर कोई न्ही था, इसलिए मुझे कोई भी न्ही देख सकता था.

मैं चुप चाप नीचे आया, भाभी किचन मे कुछ काम कर रही थी. मैं चुपके उन्हे पीछे से पकड़ लिया. मैने भाभी को बाहों मे भर के उनकी गर्दन पर किस करने लग गया.

भाभी तभी गरम होने लग गई और बोली – देवर जी क्या बात बहोत जल्दी मे लग रहे हो ?

मैं – क्या करूँ भाभी आप बहोत मस्त हो ना इसलिए. choot chudai

फिर तो मैने भाभी को अपनी गोध मे उठाया और बेडरूम मे ले गया. मैने भाभी को बेड पर लेटा दिया. फिर मैने उनके गुलाबी होंठो को चूसना शुरू कर दिया. सच मे बहोत ही सेक्सी होंठ थे भाभी के. भाभी भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.

भाभी उपर से लेकर नीचे तक पिंकी बनी हुई थी. क्योकि उनके होंठो पर पिंक लिपस्टिक थी और नीचे सूट भी पटियाला गुलाबी डाला हुआ था. सच मे साली एक नंबर की कयामत लग रही थी.

फिर भाभी ने मेरे सारे कपड़े एक एक करके उतार दिए. उनके हाथ मे जैसे ही मेरा 7 इंच का लंड आया तो वो उसे देखते हुए बोली. ये कहानी आप अन्तर्वासना सेक्स कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे हैं.

भाभी – वाह इसे कहते है एक मर्द का लंड. एक तुम्हारे भैया का लंड है मैं कहती हूँ. तुम्हारे लंड मे से उनके लंड जेसे 3 लंड निकल जाएगें. साला हिजड़ा कहीं का.

ये कहते ही भाभी ज़ोर ज़ोर से मेरे लंड को चूसने लग गई. मेरा लंड उनके मूह के हिसाब से काफ़ी बड़ा था, पर फिर भी वो बार बार मेरे लंड को अपने गले मे उतार रही थी.

भाभी ने मेरा लंड चूस चूस कर अपने मूह मे ही मेरे लंड का सारा पानी निकाल दिया. फिर उन्होने मेरे लंड का सारा पानी पिया और फिर मेरे लंड को चाट चाट कर अच्छे से सॉफ कर दिया.

मैं – क्या भाभी आपने मेरा लंड बिठा दिया, अब आपको ही इसको चूस चूस कर खड़ा करना होगा.

ये कहानी आप अन्तर्वासना सेक्स कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे हैं. फिर भाभी ने अपने सारे कपड़े निकाल दिए, उनके जिस्म पर एक भी बाल न्ही था. चूत गुलाबी बिना बाल की बहोत ही मस्त लग रही थी. मैने चूत और बूब्स को काफ़ी देर तक चूसा और फिर अपना लंड एक जोरदार धक्के से उनकी चूत मे उतार दिया.

भाभी अपनी गांड उछाल उछाल कर मुझे अपनी चूत दे रही थी. करीब 40 मिनिट तक चूत मारने के बाद मैने भाभी की गांड आयिल लगा कर मारी. जिसमे भाभी को दर्द तो काफ़ी हुआ. bur ki chudai story

पर उसे मज़ा भी बहोत आया, उस रात मैने भाभी को 4 बार जम कर चोदा. उसकी गांड और चूत का मैने भोसड़ा बना दिया था. अब जैसे ही उनके पति ऑफीस जाते है.

तभी भाभी अपने सारे काम छोड़ कर मेरे पास आ जाती है. और मैं उन्हे जम कर चोदता हूँ. मुझे उम्मीद है आपको कहानी अच्छी लगी होगी. मुझे मेल करके जरूर बताएं rg [email protected],com

Source – https://antarvasnasexkahani.net/bhabhi-ki-chudai/bur-ki-chudai/